मुंबई/जामनगर। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने बुधवार, 21 अक्टूबर को मुंबई में अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से मुलाकात की। इसके बाद वे गुजरात के जामनगर पहुंचे, जहां उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की तेल रिफाइनरी, वन्यजीव संरक्षण केंद्र वंतारा और ग्रीन एनर्जी गिगा कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश सहयोग को लेकर बातचीत चल रही है।
मुंबई में अदाणी और टाटा प्रमुखों के साथ बंद कमरे में बैठक
रुबियो मंगलवार दोपहर मुंबई पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार सुबह उन्होंने पहले गौतम अदाणी और फिर एन. चंद्रशेखरन से मुलाकात की। दोनों बैठकें बंद कमरे में हुईं। हालांकि, इनमें किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अदाणी समूह बंदरगाह, हवाई अड्डे, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कारोबार करता है। वहीं टाटा समूह ऑटोमोबाइल, स्टील, आईटी, विमानन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग के लिहाज से इन क्षेत्रों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट देखे
मुंबई में बैठकों के बाद रुबियो गुजरात के जामनगर पहुंचे। यहां उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के तेल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। इस कॉम्प्लेक्स की तेल शोधन क्षमता करीब 14 लाख बैरल प्रतिदिन बताई जाती है। इसके अलावा उन्होंने वंतारा वन्यजीव संरक्षण एवं पुनर्वास केंद्र और धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गिगा कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया।
ग्रीन एनर्जी कॉम्प्लेक्स में सोलर मॉड्यूल, बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार के सदस्यों ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस दौरे में रुबियो की पत्नी जीनेट डौसडेबेस रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी शामिल रहे।
वेनेजुएला के कच्चे तेल पर भी अमेरिका की नजर
रुबियो का जामनगर दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका वेनेजुएला से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहा है। रुबियो ने इससे पहले कहा था कि अमेरिका, रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ वेनेजुएला से आने वाले अधिक कच्चे तेल की रिफाइनिंग को लेकर बातचीत कर रहा है। उन्होंने भारत की तेल शोधन क्षमता की भी सराहना की थी
जामनगर की रिफाइनरी भारी किस्म के कच्चे तेल को प्रोसेस करने में सक्षम है। यही वजह है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कारोबार के लिहाज से इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बीच हुई यात्रा
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर भी बातचीत जारी है। दोनों देश ऊर्जा, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में तेजी आने की जानकारी दी थी।
हालांकि, अदाणी और टाटा समूह के प्रमुखों के साथ रुबियो की बैठकों में किसी निवेश प्रस्ताव या समझौते पर सहमति बनने की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, जामनगर का दौरा पूरा करने के बाद रुबियो के अमेरिका लौटने का कार्यक्रम है।








