नई दिल्ली। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) की भारत यात्रा और हरदीप पुरी एवं जैफरी एपस्टीन की तस्वीरों के रिलीज होने की टाइमिंग को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने RSS के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ट्वीट किया है उन्होंने कहा है कि आपको क्या लगता है कि वे किस देशद्रोही गद्दार को ब्लैकमेल कर रहे हैं? राहुल ने लिखा “रुबियो मुंबई पहुँचे.रुबियो मुंबई पहुँचे
यूएस डीओजे ने एपस्टीन और पुरी की तस्वीरें जारी कीं।प्रिय भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं ,आपको क्या लगता है – ये कौन से देश-विरोधी गद्दारों को ब्लैकमेल कर रहे हैं?”
गौरतलब है कि देश में रूबियो के मुंबई और गुजरात के जामनगर का दौरा करने को लेकर देश में चर्चा चल रही है। इसी बीच लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने एक्स पर पूर्व में एक पोस्ट में कहा था कि मिस्टर रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है।
पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा था “मोदी जी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आखिर चल क्या रहा है? शायद आप ही उन्हें समझा दें. या फिर, अगर आप चाहें तो मैं भी समझा सकता हूं।”
मार्को रुबियो के मुंबई दौरे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के प्रस्तावित मुंबई दौरे को लेकर पूर्व में भी सवाल किए थे ।विपक्षी पार्टी ने सवाल किया था कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री से संभावित मुलाकात पर विदेश मंत्रालय अबतक चुप क्यों है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत द्वारा मार्को रुबियो की आगामी मुंबई यात्रा के बारे में और विवरण दिया जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि यह जानकारी भी पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं है कि रुबियो मुंबई में भारत सरकार के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। हाँलाकि अब मार्को ने मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की है।
विदेश मंत्री की मुलाकात की घोषणा पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल
जयराम रमेश ने कहा, ‘‘अमेरिकी राजदूत का यह कहना काफी असाधारण है कि डॉ. जयशंकर के भी अन्य लोगों के साथ वहां हमारे साथ शामिल होने की उम्मीद है।’’
उन्होंने सवाल किया कि भारत के विदेश मंत्री की देश के भीतर होने वाली बैठकों की घोषणा विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता के बजाय किसी अन्य पक्ष द्वारा कब से की जाने लगी?
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए दावा किया कि भारत को 10 मई, 2025 की शाम रुबियो से ही पहली बार पता चला था कि ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया गया है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया, ‘‘मुंबई में रुबियो के साथ विदेश मंत्री की मुलाकात को लेकर विदेश मंत्रालय चुप क्यों है?’’








