लेंस डेस्क। कलबुर्गी (कर्नाटक) में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महिला आरक्षण, परिसीमन और चुनाव सुधारों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार लोकसभा की मौजूदा सीटों पर ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे सकती है। इसके लिए परिसीमन का इंतजार करने की कोई जरूरत नहीं है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए लड़ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्ष को बदनाम करने का आरोप लगाया।
रिजिजू पर तंज
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्षी नेताओं के पत्रों का खुद जवाब नहीं देते। रिजिजू के जरिए जवाब भिजवाते हैं। खड़गे के अनुसार, पीएम ने रिजिजू को असली अधिकार नहीं दिए हैं और ज्ञानेश कुमार की तरह मध्यस्थ की तरह उनका इस्तेमाल कर रहे हैं।
खड़गे की तीन प्रमुख मांगें
EVM की जगह बैलेट पेपर: खरगे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने और मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव जरूरी हैं।
परिसीमन पर चर्चा: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अप्रैल 2026 में परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक विपक्ष की सहमति के बिना लाने की कोशिश की। बड़े बदलावों से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की।
चुनाव आयुक्तों का कानून: खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 16 हटाने की मांग की। उनके अनुसार, इससे चुनाव आयुक्तों की जवाबदेही कम होती है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और पुरानी व्यवस्था बहाल करने की भी बात कही।
रिजिजू का जवाब
इससे पहले रिजिजू ने खड़गे के पत्रों का जवाब देते हुए कहा था कि सरकार ने परिसीमन प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विपक्ष से कई बार संपर्क किया। उन्होंने 16 मार्च, 26 मार्च और 12 अप्रैल को पत्र लिखकर कांग्रेस का समर्थन मांगा था। खरगे ने मणिपुर में हालिया हिंसा को लेकर भी पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछे। उन्होंने चार निर्दोष नागरिकों की हत्या की निंदा की।
वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने PM-DAKSH योजना के क्रियान्वयन में कमियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि योजना दो साल तक ठीक से लागू नहीं हुई और बजट का पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ। रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की ‘एक्सपायरी डेट’ नजदीक आ गई है।








