नेशनल ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी( Ranvir rinwa) ने स्वीकार किया है कि( SIR) के बाद भी उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में डुप्लिकेट प्रविष्टियों के कई उदाहरण अभी भी मिल सकते हैं। आल्ट न्यूज के मोहम्मद ज़ुबैर को सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स x पर दिए गए एक जवाब में उनके कार्यालय ने स्वीकार किया है कि वो इस तथ्य से भली-भांति अवगत है और डुप्लिकेट प्रविष्टियों को हटाने के कार्य में लगे हुए हैं।
रिणवा के कार्यालय ने कहा है कि एक प्रमुख राजनीतिक दल ने कुछ दिन पहले ही हमें ऐसी प्रविष्टियों की एक सूची सौंपी थी। उन्होंने दावा किया है कि डुप्लिकेट प्रविष्टियों की संख्या लाखों में है, लेकिन हमारा विश्वास है कि ऐसा नहीं होगा, क्योंकि SIR समाप्त होने के बाद से हम काफी काम कर चुके हैं ।
सीईओ कार्यालय ने कहा कि कुछ व्यक्ति अन्य मतदाताओं के नाम हटाने के लिए कई फॉर्म-7 दाखिल कर रहे हैं। यह बात भी हमारी जानकारी में थी, क्योंकि इस मुद्दे को इस वर्ष फरवरी के पूर्वार्ध में एसआईआर के दौरान दलों द्वारा प्रमुख रूप से उठाया गया था। हमने फरवरी माह में ही केवल इस मुद्दे पर दो प्रेस कॉन्फ्रेंस की थीं। एक समाचार पोर्टल ने भी आपके पोस्ट करने से पहले 9 अक्टूबर को इस मुद्दे को फिर से उठाया था। हमने आपके पोस्ट से पहले ही कुछ दिन पहले जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस मुद्दे को स्पष्ट कर दिया था। आप इसे हमारे एक्स हैंडल पर देख सकते हैं
ने आलोचकों को धमकी दिए जाने का खंडन करते हुए कहा है कि हम हर उस नागरिक को धमका रहे हैं जो हमारे काम में खामियां बताता है। हमने अपना पोस्ट फिर से देखा है और यह समझ नहीं पाए हैं कि हमारे द्वारा प्रयुक्त कौन-सा शब्द, वाक्यांश या वाक्य आपको यह आभास देता है कि हम धमकी देने का प्रयास कर रहे थे। यदि बता दिया जाए तो हम आगे से उन आपत्तिजनक या धमकी वाले शब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे। हम सभी अनुभव से सीखते हैं क्योंकि कोई भी पूर्ण नहीं होता। हमारे काम में खामियां बताने के लिए धन्यवाद। हम किसी भी अन्य सुझाव का स्वागत करते हैं। हम आने वाले समय में अपने काम को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।








