नई दिल्ली। केरल के त्रिपुनिथुरा स्थित गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के नतीजे इस बार चर्चा में हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने यहां छात्रसंघ की सभी प्रमुख सीटों पर जीत दर्ज करते हुए लंबे समय से चले आ रहे स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के दबदबे को खत्म कर दिया। कॉलेज में कई वर्षों से SFI का छात्रसंघ पर नियंत्रण था
ABVP ने इस चुनाव में छह प्रमुख पदों पर जीत हासिल की। इसे संगठन के लिए त्रिपुनिथुरा के कॉलेज कैंपस में एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में त्रिपुनिथुरा नगरपालिका में भी BJP ने सत्ता संभाली है। इससे वहां लंबे समय से चले आ रहे वामपंथी दलों के शासन का अंत हुआ है।
SFI का रहा है कॉलेज में दबदबा
त्रिपुनिथुरा गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज को लंबे समय से SFI के प्रभाव वाले कॉलेज के तौर पर देखा जाता रहा है। इस बार ABVP ने चुनाव में सभी प्रमुख पद अपने नाम कर लिए। संगठन ने इस नतीजे को SFI के कामकाज और नीतियों के खिलाफ छात्रों का फैसला बताया।
ABVP के एक प्रतिनिधि ने दावा किया कि कॉलेज में SFI के नेतृत्व वाली पिछली छात्रसंघों ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। संगठन ने छात्रों से जुटाए गए फंड के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। इसके अलावा ABVP ने आरोप लगाया कि SFI के कार्यकाल में पर्याप्त छात्र कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए।
किन किन उम्मीदवारों ने दर्ज की जीत
चुनाव में स्निग्धा एम. हरि ने चेयरपर्सन पद पर जीत हासिल की, जबकि आदित्य टी.ए. वाइस चेयरपर्सन चुने गए। विग्नेश भट्ट ने जनरल सेक्रेटरी और विग्नेश डी. ने मैगजीन एडिटर का पद जीता। अंजलि टी. आर्ट्स क्लब सेक्रेटरी चुनी गईं।
यूनिवर्सिटी यूनियन काउंसलर के पद पर निवेद्या के.एन. ने जीत दर्ज की। वहीं शिवानी आर. सेकंड यूजी रिप्रेजेंटेटिव और अवनी सी.बी. सेकंड पीजी रिप्रेजेंटेटिव चुनी गईं।
केरल के कैंपसों में बढ़ेगी ABVP की सक्रियता
ABVP ने इस जीत को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताया है। संगठन का कहना है कि त्रिपुनिथुरा के इस कॉलेज में मिली जीत से केरल के दूसरे कैंपसों में काम कर रही उसकी इकाइयों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कॉलेज में लंबे समय से SFI के प्रभाव के बाद ABVP का सभी प्रमुख सीटों पर कब्जा छात्र संगठनों के बीच कैंपस में राजनीतिक प्रभाव को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा को भी सामने लाता है।











