नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय आज विद्वान कार्यकर्ता शरजील इमाम और उमर खालिद (Umar Khalid)की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई नहीं करेगा। दोनों को 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में बिना मुकदमे के छह साल से जेल में रखा गया है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने एक ‘बड़ी साजिश’ का आरोप लगाया है।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की खंडपीठ ने अभियोजन पक्ष के अनुरोध पर आज होने वाली सुनवाई को स्थगित कर दिया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस या अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू अस्वस्थ हैं।
अदालत ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत अपील को 4 नवंबर को सूचीबद्ध किया है। इमाम और खालिद दोनों ने अपनी-अपनी जमानत याचिकाओं की हालिया अस्वीकृति को चुनौती दी है।
इमाम की अपील उनकी दूसरी नियमित जमानत याचिका की अस्वीकृति से संबंधित है; खालिद की अपील उनकी तीसरी याचिका की अस्वीकृति से संबंधित है। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 13, 16, 17 और 18 के तहत गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।








