नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के आने वाले विधानसभा उपचुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न पर अंतरिम रोक लगा दी है। आयोग ने कहा है कि पार्टी में दो गुट हैं एक ममता बनर्जी के नेतृत्व में और दूसरा अरुप रॉय और ऋतुव्रत बनर्जी के नेतृत्व में। दोनों गुटों को 18 सितंबर सुबह 11 बजे तक नया नाम और स्वतंत्र चुनाव चिह्न के तीन-तीन विकल्प देने को कहा गया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi)ने इस फैसले पर चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस, हर बार एक ही पैटर्न दिखता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी जनादेश बचाने की है, लेकिन उन ताकतों की मदद हो रही है जो जनादेश पलट देती हैं। राहुल गांधी ने कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं हर उस दल और मतदाता की है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
भाजपा ने राहुल गांधी की टीएमसी को लेकर की गई पोस्ट पर तंज कसा है।बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी पढ़ाई-लिखाई नहीं करते हैं, उन्हें इतिहास पता करना चाहिए. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को भस्मासुर करार दिया।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत की राजनीति के सदा सर्वदा व्याकुल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जिनको देश और यहां की संस्कृति और धर्म के बारे में कुछ पता है. लेकिन आज ये पता लगा उनको अपनी पार्टी के बारे में भी नहीं पता है.आज उन्होंने टीएमसी, NCP का नाम लिया और कहा बीजेपी इनको खत्म कर रही है. NCP शरद पवार कांग्रेस से अलग हुए थे विदेशी मूल के मुद्दे पर और विदेशी मूल के वारिश को ये ही नहीं पता है।’
उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी ने कांग्रेस से परेशान होकर तृणमूल कांग्रेस बनाई थी। राहुल गांधी परिवार का ही इतिहास पता कर लीजिए. इंदिरा गांधी ने 1969 में राष्ट्रपति चुनाव में अपनी ही पार्टी के खिलाफ वोट करवा दिया था। अभी अशोक गहलोत कुछ समय पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे थे उन्होंने ही कहा है उनको निपटा दिया गया।










