नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम (Nandigram) विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को कई बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं। तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट ने अपने प्रत्याशी के बीजेपी द्वारा मैनेज कर लिए जाने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का एलान किया और इसके कुछ ही देर बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने उन्हें हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया।
इस गिरफ्तारी को राहुल गांधी ने लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं है, राजनीतिक प्रतिशोध है।
गिरफ्तारी के समय को लेकर ममता बनर्जी ने भी सवाल उठाए और भाजपा पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा कि टीएमसी के कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा के कुछ मिनट बाद ही उनकी गिरफ्तारी क्यों हुई? मिलन प्रधान पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम के एक स्थानीय कांग्रेस नेता हैं, जो 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े रहे हैं।
ममता नाराज बीजेपी पर बरसीं
पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने एक्स पर कहा कि जैसे ही उनके गुट ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का एलान किया, उसके कुछ मिनट बाद मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने सवाल किया कि गिरफ्तारी अभी ही क्यों हुई।
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा पुराने मामले निकालने के अपने पुराने फॉर्मूले पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी का समय गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि यह कार्रवाई उनके गुट की ओर से कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा के तुरंत बाद हुई।
हत्या के मामले में हुई मिलन की गिरफ्तारी
मिलन प्रधान को पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रधान इस मामले में आरोपी हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। उन्हें शनिवार को हल्दिया की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। खास बात यह है कि शनिवार को ही नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की समय सीमा भी खत्म हो रही है। इसलिए गिरफ्तारी के बाद इस चुनाव की तस्वीर और महत्वपूर्ण हो गई है।
कांग्रेस उम्मीदवार को दिया था समर्थन
ममता बनर्जी के गुट ने पहले नंदीग्राम उपचुनाव में अपनी उम्मीदवार संचित्ता प्रधान डे को मैदान में उतारा था। लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से राज्य सचिवालय नबान्न में मुलाकात के बाद चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी के गुट के पास नंदीग्राम में अपना उम्मीदवार नहीं रहा।
शुक्रवार को ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का एलान किया। उन्होंने कांग्रेस को ‘सिस्टर पार्टी’ बताते हुए कहा कि यह फैसला इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के लिए किया गया है। समर्थन के एलान के कुछ घंटे बाद ही मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हो गई।
राहुल गांधी ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म x पर कहा कि वाे चुनाव नहीं लड़ना चाहते, चुनावी मुकाबला ही खत्म कर देना चाहते हैं।










