द वायर के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और मैक्सिको की पत्रकार मार्सेला तुराती को मिल EL MUNDO का इंटरनेशनल जर्नलिज्म अवॉर्ड

Siddharth Varadarajan

नई दिल्ली। भारत के वरिष्ठ पत्रकार और द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन (Siddharth Varadarajan) को स्पेन के प्रमुख अखबार EL MUNDO के प्रतिष्ठित इंटरनेशनल जर्नलिज्म अवार्ड से सम्मानित किया गया है। सिद्धार्थ वरदराजन को यह सम्मान मैक्सिको की पत्रकार मार्सेला तुराती के साथ मिला है। पहली बार किसी भारतीय को यह पुरस्कार मिला है।

EL MUNDO ने अपने पुरस्कार की घोषणा में वरदराजन को भारत से और तुराती को मैक्सिको से पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए चुना है। यह पुरस्कार ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में स्वतंत्र पत्रकारिता और सत्ता से सवाल करने वाले पत्रकारों के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं।

EL MUNDO के इन अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कारों का फोकस केवल पत्रकारिता की उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। अखबार के मुताबिक पुरस्कार पत्रकारिता की गंभीरता, पत्रकारिता मूल्य, नैतिक प्रतिबद्धता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा को सम्मानित करता है। पुरस्कार की आधिकारिक व्याख्या में ऐसे पत्रकारों को महत्व दिया गया है जो सत्ता की मनमानी के सामने खड़े होकर नागरिकों और अन्याय के पीड़ितों के पक्ष में पत्रकारिता करते हैं।

EL MUNDO पुरस्कार की चयन समिति इस पुरस्कार के लिए चयन करते समय इस बात का ध्यान रखती है कि पत्रकार सत्ता की निरंकुशता के खिलाफ जनता के पक्ष में खड़ा है।

सिद्धार्थ वरदराजन लंबे समय से भारतीय पत्रकारिता में स्वतंत्र और सत्ता से सवाल करने वाली पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। वे पहले द हिंदू के संपादक रह चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उन्हें स्वतंत्र पत्रकारिता और प्रेस की आजादी से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले पत्रकार के तौर पर पहचाना जाता है।

वरदराजन उन भारतीय पत्रकारों में भी शामिल रहे हैं, जिनका नाम पेगासस स्पाइवेयर मामले में पत्रकारों की निगरानी को लेकर रिपोर्ट्स विदआउट बॉर्डर्स की शिकायत में शामिल था। RSF ने उन्हें उन पत्रकारों में गिना था जो स्वतंत्र और जनहित के मुद्दों पर पत्रकारिता करते रहे हैं।

EL MUNDO के इस अवार्ड की पुरस्कार राशि 20,000 यूरो है। इसके साथ विजेता को प्रसिद्ध स्पेनिश कलाकार मार्टिन चिरिनो की बनाई स्मृति-प्रतिमा भी दी जाती है। पुरस्कार दुनिया भर में पत्रकारिता की गंभीरता, साहस, नैतिक प्रतिबद्धता और प्रेस की स्वतंत्रता को सम्मानित करता है।

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