भोपाल। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital) में सोमवार को इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे डॉक्टरों को पुलिस ने रोक दिया। डॉक्टरों की मुख्य मांग है कि उनका मासिक स्टाइपेंड 14,337 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये किया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने का मौखिक भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। इसी वजह से डॉक्टर मुख्यमंत्री मोहन यादव से सीधे मुलाकात करना चाहते थे और अपनी मांग उनके सामने रखना चाहते थे।
बैरिकेड पार करने की कोशिश, पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हमीदिया अस्पताल के आसपास बैरिकेड लगा दिए थे। डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए थे। इंटर्न डॉक्टर मोहित मिश्रा के मुताबिक, डॉक्टर मुख्यमंत्री से शांतिपूर्वक मिलना चाहते थे। हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारी कथित तौर पर अस्पताल के गेट और पुलिस बैरिकेड को पार कर मुख्य सड़क तक पहुंच गए। इसके बाद फतेहगढ़ के पास डॉक्टरों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस और डॉक्टरों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसी दौरान एक इंटर्न डॉक्टर को चोट लग गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
प्रदर्शन से सड़क पर लगा लंबा जाम
डॉक्टरों के प्रदर्शन का असर शहर के ट्रैफिक पर भी पड़ा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के सड़क पर पहुंचने के कारण VIP रोड से पॉलिटेक्निक चौराहे तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वैकल्पिक रास्ते बुधवारा की तरफ जाने वाले वाहनों को भी परेशानी हुई और वहां भी वाहनों की लंबी कतार लग गई। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांग लंबे समय से लंबित है और सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया था। अब डॉक्टर चाहते हैं कि इस आश्वासन को जल्द से जल्द लिखित आदेश में बदला जाए। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद मामला और गंभीर हो गया है।







