भोपाल | सागर (sagar)जिले की बंडा तहसील के छह गांवों में शराब पीने से अब तक हुई 19 मौतों के लिए कुछ कनिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड कर देने से न तो मृतकों को इन्साफ मिलने वाला है और न ही असली अपराधी कानून के शिकंजे में आने वाले हैं l मगर भाजपा की डॉ मोहन यादव सरकार से यह उम्मीद भी नहीं की जा सकती है, क्योंकि निष्पक्ष जांच होते ही जब छोटी मछलियों की बजाय मगरमच्छों को पकड़ने को कोशिश होगी तो भाजपा के कई नेताओं का असली चेहरा भी बेनकाब हो जाएगा l
मार्क्सवादी कम्युनिस् पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी कर कहा है कि जिस जहरीली शराब की वज़ह से कई परिवारों के आंगन में मातम पसर गया है, उसके पैकिंग का ठेका भाजपा नेता और उसके परिवार के पास है l
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही एक दैनिक अखबार ने नकली पैकिंग का मामला प्रकाशित किया था, मग़र बिना फॉरेंसिक जांच करवाए शनिवार को उसे क्लीनचिट दे दी गई थी l और एक दिन बाद ही इस जहरीली शराब ने 19 लोगों की जीवन लीला समाप्त कर डाली |
इसलिए सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि किसके दबाव में, बिना फॉरेंसिक जांच करवाए पुलिस और आबकारी विभाग ने इस जहरीली शराब को क्लीनचिट दी थी?
माकपा नेता ने कहा है कि सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के शराब माफियाओं से संबंध पुराने हैं l 2021 में जब मुरैना में जहरीली शराब से 24 लोगों की मौत हुई थी, तब यही सज्जन मुरैना के पुलिस अधीक्षक थे | इन मौतों के बाद पुलिस और शराब माफियाओं के रिश्ते उजागर होने के बाद इन्हें हटा दिया गया था l अब सागर में भी इन्होंने मुरैना हादसे को दोहराया है l अभी तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है I दो लोग लोग वेंटिलेटर पर हैं और 190 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं l
जसविंदर सिंह ने कहा है कि इस सबके बावजूद यदि पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को संदेह के घेरे में भी नहीं लिया गया है तो शराब माफियाओं की पुलिस प्रशासन के साथ सांठगांठ और इसे राजनीतिक संरक्षण स्पष्ट हो जाता है l
माकपा नेता ने कहा है कि 2020 से लेकर अभी तक उज्जैन, खरगोन, मंदसौर, इंदौर, भिंड, छत्तरपुर, सागर सहित शराब से मरने वालों की संख्या सौ को पार कर गयी है l बार बार हादसों के बाद यदि यह हादसे हो रहे हैं तो जाहिर है कि सागर सहित हर घटना के अपराधी शराब माफियाओं को भाजपा सरकार का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने असली अपराधियों को पकड़ने, पुलिस अधीक्षक की भूमिका और अपराधियों के राजनीतिक रिश्ते उजागर करने के साथ ही मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा देने और बीमारों का उचित उपचार करने की मांग की है I
सागर में जहरीली शराब से मौतें राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक भ्रष्टाचार ने लील ली जिंदगियां: माकपा
By आशीष गुप्ता
🗓️ Published: September 7, 2026 3:22 pm









