नई दिल्ली। स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली के साइबर थाने में स्टूडेंट प्रोटेस्टर निशु आजाद (Nishu Azad)और उनके पिता संजय आजाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। सुप्रीम कोर्ट की एक वकील ने उन दोनों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने-अपने सोशल मीडिया हैंडल पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है। इस बीच स्वतंत्र के रिमांड की अवधि एक दिन बढ़ा दी गई है।
हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद स्टूडेंट प्रोटेस्टर निशु आजाद और उनके पिता संजय आजाद के खिलाफr शिकायत दर्ज कराई गई है। सुप्रीम कोर्ट की एक वकील ने साइबर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने-अपने सोशल मीडिया हैंडल पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है। दोनों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने बाप-बेटी की जोड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि निशु के एक्स अकाउंट पर भगवान शिव, भगवान कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा के बारे में अपमानजनक बातें लिखी गई थीं। सचदेवा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण काम करना) और धारा 196 (धर्म समेत अन्य आधारों पर समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की लागू होने वाली धाराओं के तहत भी कार्रवाई करने की मांग की है।हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
पीटीआई की रिपोर्ट में वकील की शिकायत का जिक्र करते हुए कहा गया है कि मैं एक हिंदू हूं और धर्म का पालन करती हूं। मैंने नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में रहते हुए एक्स पर नीचे दी गई पोस्ट देखीं। ये पोस्ट अभी भी सबके लिए मौजूद हैं। इनसे मेरी और दूसरे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत के अनुसार, एक्स खाते से सितंबर 2023 और अगस्त 2026 के बीच पोस्ट की गई चार पोस्ट में कथित तौर पर चार हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया। शिकायत के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से पब्लिश की गई इन चार पोस्ट में हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को भड़काने के जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं का अपमान किया गया।
सचदेवा ने आरोप लगाया कि ये पोस्ट जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से पब्लिश की गई थीं। उन्होंने दावा किया कि इनका मकसद हिंदू समुदाय के लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काना था। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पहले इन पोस्ट को हटाने की मांग की थी, लेकिन वे ऑनलाइन बनी रहीं। शिकायत में कहा गया है कि निशु ने खुद को नाबालिग बताया है। सचदेवा ने उसके पिता को उसका अभिभावक बताया है।उन्होंने इस आरोप पर जांच की मांग की है कि अकाउंट उसके घर के किसी नाबालिग द्वारा चलाया जा रहा था और नोटिस के बावजूद कथित आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया नहीं गया।









