पचास साल पुरानी इमारत खाली कराकर सरकार आने के बाद फिर से करा दी गई चालू, दिल्ली हादसे के अनसुने पहलू

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में ढही इमारत को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि करीब 40-50 साल पुरानी इस इमारत को एक साल पहले खाली करा दिया गया था, लेकिन दिल्ली में बीजेपी सरकार आने के बाद पहले यहां फिर से पीजी शुरू कर दिया गया। यहां पीजी चलाने की इजाजत किसने दी? अब तक इसका पता नहीं चला है। अब तक तीन छात्र के शव मिले हैं। बताया जा रहा है कि इमारत में करीब 10 कमरे थे और नीचे मेडिकल स्टोर भी संचालित हो रहा था।

बचाव कार्य बड़ी चुनौती

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, फायर सर्विस और अन्य एजेंसियों ने राहत अभियान शुरू किया। अब तक 6 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है। मलबे में फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ब्लिंकिट एम्बुलेंस के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर भी मंगाए गए। रेस्क्यू टीम लगातार लोगों की तलाश में जुटी है।इसके अलावा एक ग्रीन कॉरिडोर भी तैयार कर दिया गया है, जिससे समय रहते घायलों को अस्पताल ले जाया जा सके और जरा सा भी वक्त जाया न हो।

सीएम रेखा गुप्ता मौके पर

बताया जा रहा है कि मलबे के नीचे कई छात्र फंसे हैं जो चिल्ला रहे हैं। उनकी आवाज सुनकर एनडीआरएफ की टीमें उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं। कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो मलबे के नीचे से ही कॉल कर मदद की गुहार लगा रहे हैं।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी ग्राउंड पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। उनकी तरफ से रेस्क्यू तेज करने के निर्देश दिए गए हैं और वे अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। जानकारी मिल रही है कि जो पीजी इस इमारत में संचालित हो रहा था, वहां पूर्वोत्तर के ज्यादा छात्र मौजूद थे।

बड़ा स्टूडेंट हब है सत्य निकेतन

जिस सत्य निकेतन में यह हादसा हुआ है, वहां बड़ी संख्या में पीजी, किराए के कमरे और हॉस्टल संचालित होते हैं। दरअसल, सत्य निकेतन इलाके को डीयू साउथ कैंपस के आसपास का एक बड़ा स्टूडेंट हब माना जाता है। यह साउथ-वेस्ट दिल्ली में पड़ता है और धौला कुआं, मोती बाग, आरके पुरम और आनंद निकेतन वाले बेल्ट के काफी करीब है।

कई बड़े कॉलेज हैं आसपास

यहां श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज, मैत्रेयी कॉलेज, डीयू साउथ कैंपस और दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो मौजूद हैं। इसी वजह से पूरे इलाके में बड़ी संख्या में छात्रों की आवाजाही और मौजूदगी देखने को मिलती है।जिस जगह यह हादसा हुआ है, वहां भी धड़ल्ले से पीजी और किराए के कमरे संचालित हो रहे थे। इसके अलावा इसी इलाके में कई और पीजी और हॉस्टल मौजूद हैं। यानी यह सिर्फ एक सामान्य रिहायशी कॉलोनी नहीं है, बल्कि स्टूडेंट अकोमोडेशन के लिए भी एक बड़ा हब है। अगर इलाके की भौगोलिक स्थिति की बात करें, तो यहां छोटी-छोटी गलियां हैं और घनी आबादी के बीच कई बहुमंजिला मकान मौजूद हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now