बस्तर में जादू-टोने के शक में हत्या शर्मनाक, अंधविश्वास के खिलाफ बस्तर में करेंगे जागरूकता : डॉ. दिनेश मिश्र

छत्तीसगढ़| बस्तर (Bastar)के दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पोरोपरिया पटेलपारा में जादू-टोना करने के शक में एक ग्रामीण की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। तथा परिवार के सदस्य भी घायल हुए हैं. यह बहुत शर्मनाक एवं चिंताजनक है. जादू टोने, टोनही जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है . अंधविश्वास में पड़ कर इस प्रकार कानून हाथ में लेना अनुचित और गैरकानूनी है. वे बस्तर जाकर ग्रामीणों से मिलेंगे.

डॉ दिनेश मिश्र ने कहा जानकारी मिली है छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पोरोपरिया पटेलपारा में जादू-टोना करने के शक में एक ग्रामीण की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने पहले मृतक और उसके परिवार के साथ मिलकर मारपीट की और बाद में डंडे से पीटकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को जलाने का भी आरोप है।

1 सितंबर को रोपरिया पटेलपारा निवासी जोगा मंडावी (53) को लेकर गांव के कुछ लोगों को संदेह था कि वह जादू-टोना करता है। ग्रामीणों का आरोप था कि उसकी वजह से गांव में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर गांव में बैठक भी बुलाई गई थी। आरोप है कि बैठक के बाद कोसा मंडावी, नंदा मंडावी, नंदा कोवासी, आयता कवासी, भीमा मंडावी और हिड़मा बारसे जोगा मंडावी के घर पहुंचे। वहां उन्होंने कथित तौर पर उसके परिवार के सदस्यों को बंधक बनाया और महिला तथा बच्चों के साथ मारपीट करते हुए डराया-धमकाया।

बताया गया है कि परिवार के साथ मारपीट का विरोध करने पर आरोपियों ने जोगा मंडावी के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उसे डंडे से बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों द्वारा शव को ले जाकर जला दिए जाने की बात सामने आई है।

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने जादू टोने के अंधविश्वास में निर्दोष ग्रामीण की हत्या एवं महिला सहित अन्य परिवारिक सदस्यों के साथ ्रताड़ना की कड़ी निंदा करते हुए कहा जादू टोने का कोई अस्तित्व नही हैं .ग्रामीणों को भ्रम व अंधविश्वास में पड़कर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए.

डॉ दिनेश मिश्र ने कहा पिछले कुछ दिनों में ही टोनही /डायन के सन्देह में हत्या मारपीट ,प्रताड़ना की अलग अलग स्थानों से 3 घटनाएं सामने आयी हैं सिर्फ अंधविश्वास ,जादू टोने जैसी भ्रामक मान्यताओं पर भरोसा कर किसी निर्दोष महिला पर हमला करने की घटनाएं, अनुचित है,दोषियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए.समिति प्रवास कर प्रताड़ित परिवारों से मिलेगी और ग्रामीणों को जागरूक करेगी .

डॉ. मिश्र ने कहा हर व्यक्ति की बीमारी,समस्या और उसके कारण अलग-अलग होते हैं जिनका समाधान सही चिकिसकीय उपचार ,तर्कसंगत उपाय से किया जा सकता है. बीमारियाँ अलग अलग कारणों से होती हैं संक्रमण होने से ,दुर्घटना होने,कुपोषण से व्यक्ति बीमार होता है संक्रमण भी विभिन्न बैक्टीरिया, वायरस ,फंगस से होता है ,तथाकथित जादू टोने ,से कोई बीमार नही हो सकता ,क्योंकि जादू टोने जैसी काल्पनिक मान्यताओं का कोई अस्तित्व ही नहीं है,इस लिए तथाकथित जादू टोने से ना ही कोई व्यक्ति किसी को भी मार कर सकता है, न ही किसी को परेशानी में डाल सकता हैं और न ही किसी व्यक्ति का किसी प्रकार से फसल आदि का कोई नुकसान कर सकता है ,जादू टोने ,टोनही, डायन की मान्यता सिर्फ अंधविश्वास है. जिसका काa कोई अस्तित्व नहीं है ,और इस प्रकार के शक या सन्देह में किसी भी महिला को प्रताड़ित करना उसके व उसके परिवार के साथ मारपीट करना ,अग्निपरीक्षा लेना,,उसको जान से मारना अनुचित,क्रूर और अपराधिक है .ग्रामीणों को इस प्रकार के अंधविश्वास में नहीं पड़ना चाहिए .

डॉ मिश्र ने प्रशासन मांग की है कि इस मामले में तुरंत कार्यवाही की जाए तथा आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की अनुचित हरकत करने की चेष्टा ना कर सके.समिति बस्तर जाकर ग्रामीणों से मिलेगी और जागरूक करेगी.

डॉ. मिश्र ने कहा देश के अनेक प्रदेशों में डायन/ टोनही के सन्देह में प्रताडऩा की घटनाएँ आम है , जबकि कोई नारी टोनही या डायन नहीं हो सकती, उसमें ऐसी कोई जादुई शक्ति नहीं होती जिससे वह किसी व्यक्ति, बच्चों या गाँव का नुकसान कर सके। जादू-टोने के आरोप में प्रताडऩा रोकना आवश्यक है। अंधविश्वासों के कारण होने वाली टोनही प्रताडऩा/बलि प्रथा जैसी घटनाओं से भी मानव अधिकारों का हनन हो रहा है। जनजागरूकता के कार्यक्रमों से अंधविश्वास का निर्मूलन सम्भव है .

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories