रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने अपने जन्मदिन के मौके पर एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। 23 अगस्त को भिलाई से पाटन और फिर रायपुर तक हुए कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में समर्थक, विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और कांग्रेस के नेता नजर आए।
भिलाई से निकली बाइक रैली का रास्तेभर स्वागत हुआ, जबकि पाटन में बड़ी सभा आयोजित की गई। वहां उन्हें लड्डुओं से तौला गया। इसके बाद रायपुर स्थित उनके निवास पर भी कांग्रेस नेताओं और समर्थकों की भीड़ जुटी।
पाटन में आयोजित सभा में विधायक, पूर्व विधायक और हिमाचल सरकार के मंत्री मंच पर मौजूद रहे। अलग-अलग समाजों के प्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। सभा में उनके नाम और लोकप्रिय संबोधन ‘दाऊ जी’के नाम से बड़ा केक तैयार किया गया, जिसे बघेल ने काटा।
पाटन भूपेश बघेल की राजनीतिक जमीन का सबसे मजबूत आधार माना जाता है। वे 1993 से लगातार पाटन विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाते रहे हैं और अब तक छह बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में उनके जन्मदिन पर पाटन में जुटी भीड़ और नेताओं की मौजूदगी को उनके राजनीतिक प्रभाव के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार पर हमला, 2014 के बाद के दौर को बताया ‘अंधभक्तों का दौर’

पाटन की सभा में भूपेश बघेल ने केंद्र की मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने देश की राजनीति के अलग-अलग दौर का जिक्र करते हुए कहा कि 2004 से 2014 तक मनमोहन सिंह की सरकार के समय मजदूर और किसान का दौर था। इसके बाद 2014 में नई सरकार आने के बाद उन्होंने उस दौर को ‘अंधभक्तों का दौर’ बताया।
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा को लगने लगा था कि वह अजेय है। बंगाल में ममता बनर्जी को हरा दिया, नीतीश कुमार को अपने पाले में कर लिया और इसके बाद 2047 की तैयारी शुरू कर दी।
उन्होंने कहा कि इसी बीच जंतर-मंतर से लेकर संसद तक के घटनाक्रम ने सरकार को झटका दिया। बघेल ने Gen Z और Gen अल्फा का जिक्र करते हुए कहा कि नई पीढ़ी ने मोदी-शाह की नींव हिलाकर रख दी है।
बघेल ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं के मुद्दों को समर्थन दिया और संसद में इन मुद्दों को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक विरोधियों, मीडिया और कॉरपोरेट को ED, इनकम टैक्स और CBI जैसी जांच एजेंसियों के नाम पर डरा सकती है, लेकिन Gen Z को डराने में सफल नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि यही युवा पीढ़ी आने वाले समय में भाजपा की राजनीतिक नींव को चुनौती देने के लिए पर्याप्त है।
कथावाचकों और राम मंदिर चढ़ावे को लेकर हमला
सभा में छत्तीसगढ़ के कथावाचक युवराज पांडे भी मौजूद थे। उनके मंच पर मौजूद होने के दौरान भूपेश बघेल ने स्थानीय कथावाचकों की स्थिति और राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर भाजपा पर हमला बोला।
भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय कथावाचक अपने घर चलाने के लिए परेशान हैं, जबकि राज्य में बाहर से आने वाले दो बाबाओं के लिए सरकारी विमान और पूरा सरकारी काफिला उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पर्ची निकालने वाले लोग राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी करने वालों के नाम की पर्ची क्यों नहीं निकाल पा रहे हैं।
भूपेश बघेल ने अपनी सरकार के कार्यकाल की योजनाओं और उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने स्कूलों, अस्पतालों, किसानों और मजदूरों को कांग्रेस सरकार के दौरान मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं को गिनाया।
इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा साय सरकार के कार्यकाल में इन वर्गों को हो रहे कथित नुकसान का मुद्दा उठाया। इस दौरान बघेल ने अपनी सरकार के कामकाज की तुलना भाजपा सरकार से करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
पाटन के बाद रायपुर में भी जुटे कांग्रेस नेता

पाटन की सभा के बाद भूपेश बघेल रायपुर पहुंचे। भूपेश बघेल का सरकारी निवास में शानदार स्वागत किया गया। उनके निवास पर भी बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और समर्थक पहुंचे। इनमें विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल रहे।
इस तरह भिलाई से शुरू हुई बाइक रैली, पाटन की बड़ी सभा और रायपुर में नेताओं की मौजूदगी ने भूपेश बघेल के जन्मदिन कार्यक्रम को एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया।
23 अगस्त को सामने आई इन तस्वीरों में जन्मदिन के जश्न के साथ-साथ भूपेश बघेल का जनाधार और कांग्रेस की राजनीति में उनका प्रभाव भी नजर आया।









