रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतीय युवा कांग्रेस (Youth Congress) के संगठनात्मक चुनाव को लेकर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। 30 अगस्त से सदस्यता और वोटिंग शुरू करने की घोषणा कर दी गई है। लेकिन, इसी बीच सरगुजा जिला अध्यक्ष पद के दावेदारों को लेकर नया विवाद सामने आया है।
अब यह विवाद रविशंकर नायक की अध्यक्ष पद पर दावेदारी को लेकर है। आरोप है कि भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला मंत्री होने के बावजूद रविशंकर नायक ने युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में आवेदन कर दिया। इतना ही नहीं, स्क्रूटनी में नामांकन रिजेक्ट होने के बाद भी उसे दोबारा स्वीकार कराने के लिए चुनाव अधिकारियों पर कथित दबाव बनाने की कोशिश भी हो रही है।

दरअसल, सरगुजा भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से 9 फरवरी 2026 को जिला कार्यकारिणी की सूची जारी की गई थी। इस सूची में रविशंकर नायक का नाम भाजपा मंत्री के तौर पर दर्ज था। सूची में उनका नाम मंडल और पद के साथ 13वें नंबर पर दर्ज था।
इसके कुछ महीने बाद जून 2026 में रविशंकर नायक ने भारतीय युवा कांग्रेस के सरगुजा जिला अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। ऑनलाइन चुनाव रिकॉर्ड में उनका नाम Member ID CG92000776601 के साथ दर्ज बताया गया है। हालांकि 18 अगस्त को हुई स्क्रूटनी में उनका आवेदन REJECTED दर्ज किया गया, जबकि रिकॉर्ड में रिमार्क के तौर पर UNDER REVIEW दिखाई दे रहा है।
एक ही नाम, दो सियासी पते?
मामले को लेकर युवा कांग्रेस के नेताओं ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि रविशंकर नायक भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा में पदाधिकारी थे और उन्होंने पद से औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया था, तो वे कांग्रेस के युवा संगठन के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार कैसे बन गए?
विरोध कर रहे नेताओं का आरोप है कि भाजपा के पद से इस्तीफा दिए बिना युवा कांग्रेस चुनाव में नामांकन दाखिल किया गया। उनका कहना है कि संगठनात्मक चुनाव में उम्मीदवार की पात्रता और राजनीतिक संबद्धता की जांच के बाद ही नामांकन स्वीकार किया जाना चाहिए।
रिजेक्शन के बाद फिर नामांकन सही कराने की कोशिश
रिजेक्ट होने के बाद अंडर रिव्यू होने के बाद युवा कांग्रेस से जुड़े नेताओं का आरोप है कि नामांकन रिजेक्ट होने के बाद भी उसे दोबारा सही कराने की कोशिश की जा रही है। आरोप है कि छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के कुछ पूर्व पदाधिकारी भारतीय युवा कांग्रेस के चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाकर रविशंकर नायक का नामांकन स्वीकार कराने का प्रयास कर रहे हैं। इस वजह से रिजेक्ट होने के बाद भी आवेदन अंडर रिव्यू बता रहा है।
हालांकि अब तक भारतीय युवा कांग्रेस के चुनाव अधिकारियों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का विरोध
इस मामले में कांग्रेस संगठन के भीतर भी विरोध की बात सामने आ रही है। युवा कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष स्तर के नेताओं ने भी ऐसे नामांकन का विरोध किया है। संगठन के भीतर सवाल उठ रहा है कि भाजपा के पदाधिकारी के तौर पर दर्ज व्यक्ति को कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ सकती है।
वहीं, इस मामले में रविशंकर नायक का कहना है कि मैंने कोई पद नहीं लिया है। मैंने बीजेपी में इस बात की आपत्ति दर्ज कराई है। मेरा परिवार कई पीढ़ियों से कांग्रेस से ही जुड़ा रहा है।
ऐलान के बाद से ही विवादों में है युवा कांग्रेस चुनाव
युवा कांग्रेस की चुनाव प्रक्रिया को लेकर पार्टी के भीतर शुरू से ही असंतोष की बात सामने आ रही है। आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अलग-अलग चरणों में नियम और प्रक्रिया में बदलाव किए गए, जिसका असर खासतौर पर उन जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां केवल एक विधानसभा सीट है।
सामने आए स्क्रीनशॉट के मुताबिक, चुनाव के दौरान उम्मीदवारों को बताया गया था कि जिन जिलों में सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र है, वहां विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव नहीं कराया जाएगा। इसी तरह, जिन विधानसभा क्षेत्रों में केवल एक ब्लॉक है, वहां ब्लॉक अध्यक्ष का चुनाव नहीं कराने की जानकारी दी गई थी।







