नक्सल मोर्चे पर शौर्य का सम्मान: छत्तीसगढ़ पुलिस को 141 वीरता पदक, IG से DSP तक बड़े नाम शामिल

रायपुर। नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ में चल रहे ऑपरेशनों की सफलता को इस बार स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान मिला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की स्वतंत्रता दिवस-2026 की मेडल सूची में छत्तीसगढ़ पुलिस को अकेले 141 वीरता पदक (Gallantry Medal) मिले हैं। इसके अलावा 1 राष्ट्रपति पुलिस पदक और 10 सराहनीय सेवा पदक भी दिए गए हैं। यानी छत्तीसगढ़ पुलिस के खाते में कुल 152 पदक आए हैं।

सबसे खास बात यह है कि 141 वीरता पदकों के साथ छत्तीसगढ़ इस साल सभी राज्य पुलिस संगठनों में सबसे आगे है। देशभर में पुलिस सेवा के लिए कुल 272 गैलेंट्री अवॉर्ड दिए गए हैं। यानी अकेले छत्तीसगढ़ को मिले 141 वीरता पदक कुल पुलिस गैलेंट्री मेडल के आधे से भी ज्यादा हैं।

नक्सल ऑपरेशन की सफलता का सीधा असर

छत्तीसगढ़ को मिले इन पदकों के पीछे सबसे बड़ा कारण बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार चल रहे ऑपरेशन और उनमें मिली कामयाबी है।

अबूझमाड़ और बस्तर के दूसरे नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों ने लगातार अभियान चलाए हैं। इन ऑपरेशनों में अधिकारियों से लेकर जमीनी स्तर पर तैनात जवानों तक ने बेहद जोखिम भरे हालात में काम किया। इसी साहस और ऑपरेशनल उपलब्धियों को इस बार वीरता पदक के जरिए सम्मान मिला है।

मेडल सूची को देखें तो इसमें Bastar Fighter और DSF के जवानों की बड़ी संख्या भी शामिल है। इससे साफ है कि यह सम्मान केवल वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन जवानों तक भी पहुंचा है जो सीधे नक्सल मोर्चे पर तैनात रहे हैं।

IG से लेकर बस्तर फाइटर्स के जवानों को मिला पदक

इस बार छत्तीसगढ़ के लिए खास बात यह भी है कि वीरता पदकों की सूची में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

तत्कालीन बस्तर IG सुंदरराज पाटिलिंगम का भी नाम है। उनके अलावा IPS इंदिरा कल्याण एलिसेला, IPS रॉबिन्सन गुरिया, IPS स्मृतिक राजनाला, IPS संदीप पटेल और डॉ. प्रशांत शुक्ला जैसे अधिकारियों के नाम भी सूची में हैं।

DSP स्तर पर भी कई अधिकारियों को वीरता पदक मिला है। इनमें विनय कुमार, सोहन लाल, महंथ कुमार, प्रशांत देवांगन, राहुल कुमार उइके, लक्ष्मण सिंह पोताई और रवि कुमार कुजूर समेत कई नाम शामिल हैं।

शहीद जवानों को भी सम्मान

इस सूची में कुछ जवानों को मरणोपरांत वीरता पदक दिया गया है। इनमें शहीद नितेश एक्का और शहीद रमेश कोरेती के नाम शामिल हैं।

यानी बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जान गंवाने वाले जवानों के साहस को भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।

मेडल सूची में बड़ी संख्या में बस्तर फाइटर्स और DSF के जवान शामिल हैं। पवन देव साहू, सोहित कुमार यादव, गिरधर शोरी, विवेकानंद नेताम, ओमेश मंडावी, रविंद्र कुमार साहू, तरुण कुमार, नंद कुमार, निरंजन मरकाम, प्रवीण कोरेती समेत बड़ी संख्या में बस्तर फाइटर्स जवानों को वीरता पदक मिलेगा।

इन नामों की लंबी सूची बताती है कि इस बार का सम्मान बस्तर के जंगलों में फ्रंटलाइन पर नक्सलियों से मुकाबला करने वाली टीमों के सामूहिक साहस को मिला है।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ पुलिस की लगातार कामयाबी का यह सम्मान इस मायने में भी खास है कि 141 वीरता पदकों के साथ राज्य ने इस साल देश की सभी राज्य पुलिस में अलग पहचान बनाई है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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