BJP को बड़ा झटका, संसदीय दल की बैठक से TMC से NDA में शामिल 3 सांसद गायब

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहा असंतोष अब संसद तक पहुंच गया है। हाल ही में टीएमसी से अलग हुए कुछ सांसदों ने नई पार्टी नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के बैनर तले एनडीए का समर्थन किया है। इस बीच गुरुवार को तीन मुस्लिम सांसद एनडीए संसदीय दल की बैठक से गायब रहे जिससे उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर 20 सांसद NCPI में शामिल हो गए. अब ये NDA के सहयोगी हैं. भले ही स्पीकर ओम बिरला ने इन सांसदों के विलय कोमंजूरी नहीं दी, लेकिन काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय और सयानी घोष NDA की बैठक में शामिल हुए. हालांकि, उस मीटिंग में तीन सांसदों के शामिल नहीं होने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. NCPI के 20 MPs में से तीन मुस्लिम सांसद मीटिंग से नदारद थे और यह सवाल किया जा रहा है कि क्या वे फिर से तृणमूल कांग्रेस में लौटेंगे?

सूत्रों के मुताबिक, तीन मुस्लिम सांसद अबू ताहिर, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान पिछले मंगलवार को NDA की मीटिंग में मौजूद नहीं थे। पता चला है कि वे मानसून सत्र के मौके पर दिल्ली में हैं।लेकिन वे बैठक में शामिल नहीं हुए। फिर इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि वे मीटिंग में क्यों मौजूद नहीं थे?

रिपोर्ट के मुताबिक, एनडीए में शामिल होने वाले कई पूर्व टीएमसी सांसदों ने बैठक में भाग लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए नेतृत्व के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने कहा कि एनडीए का विज़न और संसद के आगामी सत्र का एजेंडा उन्हें सकारात्मक लगा। वहीं, जिन तीन मुस्लिम सांसदों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया, उनके बारे में राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि उनकी अनुपस्थिति के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टीएमसी के भीतर बगावत का दायरा बढ़ने से पार्टी नेतृत्व, विशेषकर ममता बनर्जी, के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। बागी सांसदों का दावा है कि उन्होंने पार्टी की कार्यशैली और पश्चिम बंगाल की स्थिति से असंतुष्ट होकर अलग रास्ता चुना है। दूसरी ओर, टीएमसी इन दावों को खारिज करती रही है और कुछ सांसदों के बागी खेमे में होने के दावों पर भी सवाल उठाए हैं।

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