राम मंदिर चंदा चोरी मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, ‘यह राम मंदिर नहीं, बल्कि RSS और BJP का कार्यालय है’

लेंस डेस्क। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले ने राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwaranand) सरस्वती ने कहा कि फिलहाल यह राम मंदिर नहीं, बल्कि RSS और BJP का कार्यालय है उन्होंने स्पष्ट किया कि जब यह वास्तविक रूप से राम मंदिर बनेगा, तभी दर्शन के लिए जाएंगे।

शंकराचार्य रविवार को रायबरेली पहुंचे, जहां ‘गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा’ दिलाने के लिए निकाली जा रही 81 दिवसीय यात्रा के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट और SIT पर सवाल उठाते हुए कहा, “ट्रस्ट भी सरकार ने बनाया, SIT भी सरकार ने बनाई। वही चोर, वही पुलिस… क्या निर्णय होगा?”

विपक्ष पर साधा निशाना, राम भक्तों का समर्थन

इस मामले पर महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर राष्ट्र मंदिर है और राम भक्तों का है, राम विरोधियों का नहीं। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जो लोग सनातन संस्कृति के खिलाफ साजिश रचते थे, वे आज खुद को राम भक्त बताने की कोशिश कर रहे हैं। राम मंदिर में चोरी का मुद्दा उठाकर वे सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि खुद चुल्लू भर पानी में डूब मर जाना चाहिए।’

चढ़ावा चोरी को लेकर गोरखपुर में लगाए गए पोस्टरों पर सपा नेता अरविंद शुक्ला समेत तीन लोगों को पुलिस ने शनिवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार रात लगाए गए इन पोस्टरों में व्यंग्यात्मक पंक्तियां लिखी गई थीं, जिनमें राम मंदिर में चोरी और चौकीदार की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास राम मंदिर के सभी 54 दानपात्रों की एक चाबी रहती थी। रोज दोपहर 12 बजे दानपात्र खोले जाते थे, जिसमें टिन्नू या उनके रिश्तेदार बलराम यादव चाबी लेकर पहुंचते थे। दूसरी चाबी SBI अधिकारी के पास रहती थी।

पुलिस अब आरोपी टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव को 7 दिन की रिमांड लेने की तैयारी में है। दोनों को सोमवार को फैजाबाद कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मंदिर व्यवस्था पर नई पहल

100 पुजारियों की भर्ती का प्रस्ताव फिर सक्रिय हो रहा है। राम मंदिर में पुजारियों की कमी दूर करने के लिए 100 पुजारियों की भर्ती का लक्ष्य है, लेकिन अभी केवल 20 पुजारी ही सेवाएं दे रहे हैं। 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक में इस पर फैसला हो सकता है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने CEO पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। योग्यता में स्नातक डिग्री, प्रशासन या वित्तीय प्रबंधन में कम से कम 20 साल का अनुभव और हिंदू धर्म का अनुयायी होना अनिवार्य है। नियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी।

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पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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