देश में मौसम का अजीब मिजाज, कई राज्यों में भारी बारिश तो वहीं 10 राज्य सूखे की चपेट में

Weather Update : देश में मानसून एक तरफ जहां कुछ राज्यों में तबाही मचा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों में बारिश की कमी से किसान चिंतित हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और जान-माल की हानि हो रही है, जबकि मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 10 राज्यों में अगले 5 दिन कम बारिश होने की संभावना है।

कहां हो रही है भारी बारिश?

मानसून के बादल अब मुख्य रूप से देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों की ओर शिफ्ट हो गए हैं। इस वजह से इन इलाकों में तेज बारिश जारी है:

उत्तर प्रदेश : हापुड़ में तेज बारिश से अंडरपास पानी से भर गया, एक थार कार पूरी तरह डूब गई। बिजनौर में गंगा और मालन नदी उफान पर हैं। कई छोटे पुल पानी में डूब गए हैं। पिछले 3 दिनों में पूरे प्रदेश में 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

उत्तराखंड : पौड़ी गढ़वाल में देर रात भारी बारिश के दौरान चलती पिकअप वैन पर पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिर गया। मलबे में गाड़ी पूरी तरह कुचल गई। ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है।

हिमाचल प्रदेश : शिमला के संजौली और राजहाना गांव में भूस्खलन हुआ। कई वाहन मलबे में दब गए और करीब 10 घरों को नुकसान पहुंचा है।

मिजोरम : लुंगलेई जिले में नदी का जलस्तर बढ़ने से 80 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया। 29 जगहों पर भूस्खलन हुआ और नेशनल हाईवे-54 बंद हो गया, जिससे कई पर्यटक फंस गए हैं।

कहां है बारिश की कमी?

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत देश के 10 राज्यों में अगले 5 दिनों तक सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी भारत से बादल हट गए हैं, जिससे इन इलाकों में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। राजस्थान में पिछले 24 घंटे में अलवर, श्रीगंगानगर और चूरू में अच्छी बारिश हुई, लेकिन 24 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। यहां 15 जुलाई के बाद बारिश तेज होने की उम्मीद है।

भारत मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को पूरे देश में पहुंच गया था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर जगह अच्छी बारिश होगी। इस साल कुल मानसून बारिश औसत का सिर्फ 90% रहने की संभावना है। एल नीनो की वजह से पश्चिमी तट और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश कम हो रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के पूरे देश में फैलने और कुल बारिश के बीच सीधा संबंध नहीं होता। पहले भी कई बार मानसून समय पर पहुंचने के बावजूद सूखा पड़ा है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

11 से 16 जुलाई तक उत्तर भारत (दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा) में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी।
मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ) में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम, मेघालय आदि) में लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
पश्चिम भारत (कोंकण, गोवा, गुजरात) और दक्षिण भारत (केरल, कर्नाटक) में भी कई जगहों पर अच्छी बारिश होने की संभावना।

भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को नदियों के किनारे जाने, पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने और कमजोर मकानों में रहने से बचने की सलाह दी गई है। भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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