4 बार की चैम्पियन जर्मनी को हराकर इक्वाडोर ने रचा इतिहास, 20 साल बाद फिर वर्ल्ड कप के नॉकआउट में

खेल डेस्क। फीफा विश्व कप 2026 में गुरुवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। दक्षिण अमेरिकी टीम इक्वाडोर (Ecuador) ने ग्रुप-ई के अपने आखिरी लीग मुकाबले में चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हराकर न सिर्फ सनसनी फैला दी, बल्कि 20 साल बाद विश्व कप के नॉकआउट राउंड में भी जगह बना ली। इक्वाडोर ने इससे पहले केवल 2006 विश्व कप में लीग चरण पार किया था।

इस जीत के साथ इक्वाडोर ने ग्रुप चरण का शानदार अंत किया, जबकि जर्मनी को टूर्नामेंट में पहली हार का सामना करना पड़ा।

मुकाबले की शुरुआत जर्मनी के लिए बेहतरीन रही। दूसरे ही मिनट में लेरॉय साने ने गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। ऐसा लग रहा था कि जर्मनी मुकाबले पर पूरी तरह हावी रहेगा, लेकिन इक्वाडोर ने शानदार जज्बा दिखाया।

मैच के दूसरे मिनट में गोल कर सेलिब्रेट करते लेरॉय साने।

9वें मिनट में निल्सन अंगुलो ने जर्मन डिफेंस की गलती का फायदा उठाते हुए बराबरी का गोल कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। आखिरकार 78वें मिनट में गोंजालो प्लाटा ने शानदार फिनिश के साथ विजयी गोल दाग दिया। इसके बाद जर्मनी वापसी नहीं कर सकी और इक्वाडोर ने 2-1 से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।

गोल करने के बाद इक्वाडोरके स्ट्राइकर निल्सन अंगुलो।

ग्रुप-ई में इक्वाडोर की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। पहले मैच में उसे आइवरी कोस्ट के खिलाफ 0-1 से हार झेलनी पड़ी। दूसरे मुकाबले में पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही कुरासाओ के खिलाफ टीम गोलरहित (0-0) ड्रॉ ही खेल सकी।

पहले दो मैचों में एक भी गोल नहीं कर पाने वाली इक्वाडोर ने सबसे अहम मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी के खिलाफ दो गोल दाग दिए और नॉकआउट का टिकट हासिल कर लिया।

तीन मैचों में इक्वाडोर ने 1 जीत, 1 ड्रॉ और 1 हार के साथ नॉकआउट चरण में जगह बनाई।

2006 में नॉकआउट में इंग्लैंड से 1-0 से हारी थी टीम

विश्व कप के इतिहास में इक्वाडोर पहली बार 2006 जर्मनी विश्व कप में ग्रुप चरण से आगे बढ़ा था। उस टूर्नामेंट में उसने पहले मैच में पोलैंड को 2-0, दूसरे मैच में कोस्टा रिका को 3-0 से हराया था। हालांकि तीसरे मैच में उसे मेजबान जर्मनी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम नॉकआउट में पहुंच गई थी।

राउंड ऑफ-16 (प्री-क्वार्टर फाइनल) में उसका सामना इंग्लैंड से हुआ, जहां डेविड बेकहम के फ्री-किक गोल की बदौलत इंग्लैंड ने 1-0 से जीत दर्ज की और इक्वाडोर का सफर समाप्त हो गया।

2002, 2014 और 2022 में मिली थी निराशा

2006 के बाद इक्वाडोर 2014 और 2022 विश्व कप में भी खेला, लेकिन दोनों बार टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में 2026 विश्व कप में नॉकआउट में पहुंचना उसके लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

ये इस टीम का पांचवां वर्ल्ड कप टूर्नामेंट है। पहली बार 2002 वर्ल्ड कप में टीम क्वालीफाई करने में कामयाब रही। तब भी ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी थी। इसके बाद 2006 वर्ल्ड कप में टीम ने लीग राउंड पार किया लेकिन लीग राउंड के प्रदर्शन को नॉक आउट में बरकरार नहीं रख पाई थी। 2010 और 2018 वर्ल्ड कप के लिए टीम क्वालीफाई ही नहीं कर सकी।

जर्मनी पर सबसे बड़ी जीतों में शामिल

चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी के खिलाफ यह जीत इक्वाडोर के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में गिनी जाएगी। पहले दो मैचों में संघर्ष करने वाली टीम ने निर्णायक मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए दुनिया की सबसे सफल फुटबॉल टीमों में से एक जर्मनी को हराकर यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर किसी भी टीम को चुनौती देने का दम रखती है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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