नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हालिया मुलाकात ने संघीय मंत्रिपरिषद में शीघ्र पुनर्गठन की अटकलें तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समान चर्चाओं और हालिया मंत्रिस्तरीय बदलावों के बाद यह हुआ है।
गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से आज मुलाकात की, जिससे कैबिनेट पुनर्गठन की अटकलें शुरू हो गईं। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पहले राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की, जिससे पुनर्गठन की चर्चा बढ़ गई।
जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह जैसे मंत्रियों के इस्तीफे से चर्चा का बाजार गर्म था जिनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया । कई केंद्रीय मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में नई संगठनात्मक भूमिकाएं दी गईं, जिससे पुनर्गठन की अटकलें और बढ़ीं।इन मुलाकातों और नियुक्तियों से केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
केरल से वरिष्ठ भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन ने हाल ही में अपने राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था।65 वर्षीय कुरियन अल्पसंख्यक मामलों के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी के राज्य मंत्री थे।भाजपा ने कुरियन को दोबारा नामांकित नहीं किया, जिनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हुआ था।
इसके अलावा, रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह, जिनका राज्यसभा कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हुआ, को भाजपा ने ऊपरी सदन में दोबारा नामांकित नहीं किया।रवनीत सिंह अगस्त 2024 से राजस्थान से राज्यसभा सदस्य थे और वे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के राज्य मंत्री भी थे।कुछ संघीय मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में प्रमुख संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इन नियुक्तियों ने संभावित पुनर्गठन की अटकलें बढ़ा दी हैं।भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 28 मई को सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा प्रमुख नियुक्त किया।पिछले दिसंबर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष बनाया गया था।











