दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे से जुड़े बड़े षड्यंत्र मामले में बंदी उमर खालिद को तीन दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। यह जमानत उनकी मां की सर्जरी को देखते हुए 1 जून से 3 जून 2026 तक के लिए दी गई है। उमर खालिद ने हाईकोर्ट में 15 दिन की अंतरिम जमानत की मांग की थी। उन्होंने अपनी 62 वर्षीय मां सबीहा खानम की सर्जरी और दिवंगत मामा के चहलुम समारोह में शामिल होने के लिए अर्जी दी थी। मां की पीठ पर दो साल से गांठ और सिस्ट की समस्या है। 2 जून को उनकी सर्जरी तय है।
खालिद ने कोर्ट को बताया कि वे सबसे बड़े बेटे और इकलौते बेटे हैं, इसलिए मां की देखभाल के लिए उनकी जरूरत है। उनके 71 वर्षीय पिता अकेले मां की देखभाल नहीं कर पा रहे हैं।ट्रायल कोर्ट ने पहले की थी अर्जी खारिज19 मई को ट्रायल कोर्ट ने खालिद की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि मामा निकट संबंधी नहीं हैं और मां की देखभाल अन्य परिवार वाले कर सकते हैं।
हाईकोर्ट में अपील करते हुए उमर खालिद ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का यह फैसला गलत और बिना आधार का है। उन्होंने बताया कि वे अपने चाचा से बेहद करीब थे और 87 वर्षीय दादी के साथ भी समय बिताना चाहते हैं।
उमर खालिद का रिकॉर्ड
खालिद ने कोर्ट को याद दिलाया कि पहले भी उन्हें 2022, 2024 और 2025 में परिवार के कार्यक्रमों के लिए अंतरिम जमानत मिली थी और हर बार उन्होंने सभी शर्तों का पालन किया था।मामला क्या है?उमर खालिद सितंबर 2020 से जेल में हैं। दिल्ली दंगों के मामले में उन पर आरोप है कि CAA विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा एक पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी। खालिद इन सभी आरोपों से इनकार करते रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देते समय कुछ शर्तें भी लगाई हैं। उमर खालिद को जमानत अवधि पूरी होने के बाद वापस जेल लौटना होगा।











