जबलपुर। जबलपुर स्थित बरगी डैम में 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे (Bargi Dam Cruise Accident) के 10 दिन बाद सरकार ने संज्ञान लिया है। मध्यप्रदेश सरकार ने जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं।सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में गठित यह एक सदस्यीय आयोग हादसे के असल कारणों की पहचान करेगा और तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। यह जांच न केवल दोषियों की जवाबदेही तय करेगी, बल्कि पूरे प्रदेश में वाटर टूरिज्म और क्रूज संचालन के लिए नए सुरक्षा मानकों और SOP को तैयार करने में भी मदद करेगी।
पूर्व न्यायाधीश करेंगे जांच, आयोग गठित
इस मामले की जांच की जिम्मेदारी हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश जस्टिस संजय द्विवेदी को सौंपी गई है, जिन्हें जांच आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।आयोग को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करनी होगी।सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच केवल हादसे के कारणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल की जाएगी।

वजह से लेकर बचाव कार्य तक की होगी जांच
सरकार द्वारा जांच आयोग को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।आयोग यह पता लगाएगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किस कि क्या जिम्मेदारी थी। साथ ही दुर्घटना के दौरान और बाद में चलाए गए राहत एवं बचाव कारयों की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। सरकार ने राज्यभर में संचालित सभी नावों, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट कराने का फैसला भी लिया है।इसके अलावा इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021 और एनडीएमए की बोट सेफ्टी गाइडलाइसं 2017 के तहत जलयानों की जांच, सुरक्षा मानकों और प्रमाणन व्यवस्था की भी पड़ताल की जाएगा।
ये थी घटना
दरअसल 30 अप्रैल को जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में एक क्रूज डूब गया था। इस क्रूज में 40 से 45 लोग सवार थे। इनमें से केवल 29 यात्रियों की टिकट काटी गई थी। किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी, इससे लोगों। के बचने का चांस और कम हो गया। इस दौरान क्रूज के डूबने से 12 लोगों की मौत हो गई थी। 28 लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें बचा लिया गया था।

आयोग के गठन के साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी को पूर्ण अधिकार दिए गए हैं कि वे हादसे से जुड़े सभी पहलुओं बोट की तकनीकी स्थिति, मौसम की भूमिका, संचालन एजेंसी की जिम्मेदारी, बांध प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही के किसी भी संकेत की गहन छानबीन करें। आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। इस हादसे ने पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए थे।
पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार का यह कदम स्वागत योग्य माना जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।आयोग जल्द ही अपनी जांच शुरू करेगा और प्रभावित परिवारों, गवाहों तथा विशेषज्ञों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इस घटना ने बरगी बांध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर भी विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।










