जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार को एक क्रूज डूब गया। क्रूज के डूबने से गुरुवार को 6 पर्यटकों के की मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह से राहत– बचाव कार्य लगातार जारी है। बचाव टीमों ने आज सुबह भी 3 शवो को निकाला है।इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। इसके अलावा 6 पर्यटकों की तलाश अब भी जारी है। वहीं 22 पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
बरगी शहर पुलिस अधीक्षक अंजुल मिश्रा ने कहा कि जितने लोग क्रूज पर चढ़े थे, उनमें से 41 की पहचान हो गई है। दो की नहीं हुई है। सीसीटीव फुटेज के आधार पर क्रूज में चढ़ने वालों का डेटा वेरीफाइ किया गया है।

सुरक्षा उपकरण का उपयोग नहीं करना बना मौत की बड़ी वजह
नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में सैकड़ों की संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। सरकार ने इस जगह को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया है। पर्यटन विभाग के द्वारा बरगी डैम में दो क्रूज संचालित किए जा रहे थे। गुरुवार को जब हादसा हुआ तो कुछ ही पर्यटकों ने लाइफ जैकेट पहनी हुई थी। यदि सभी पर्यटकों ने लाइफ जैकेट पहनी होती तो मरने वालों की संख्या में कमी आ सकती थी। जानकारी के मुताबिक टिकट काउंटर में भी केवल वयस्कों की गिनती की जाती है, परिजनों के साथ आने वाले बच्चों को नहीं गिना जाता है क्योंकि उनका टिकट नहीं लगता है। इस वजह से भी क्रूज में सवार पर्यटकों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ पा रही है।
मौसम बदलने से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार जब क्रूज नर्मदा के गहरे बैकवाटर में था, तभी अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलने लगीं। पानी की ऊंची लहरों और तेज हवा के दबाव के कारण क्रूज अपना संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते पानी में समा गया। बता दें कि मध्य प्रदेश पर्यटन निगम यानी MPT के द्वारा ये क्रूज संचालित किया जाता है।
राहत बचाव कार्य जारी
NDRF और SDRF की टीमें बचाव कार्य में लगातार जुटी हुई हैं। लेकिन, अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू नहीं हो सका। नाव और गोताखोरों की मदद से अब भी लापता लोगों की तलाश जारी है। गुरुवार को अंधेरा और बारिश के बीच SDRF टॉर्च की मदद से सर्च ऑपरेशन चला रही है। क्रूज को रस्सियों से बांधकर किनारे लाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब भारतीय सेना की टीम भी रेस्क्यू में शामिल हो गई है। हैदराबाद से स्पेशल टीम और एक हेलीकॉप्टर भी रवाना किया गया है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रोलिक मशीन की मदद से नदी क्षेत्र को पाटकर क्रूज तक पहुंचने और फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। गैस कटर की मदद से क्रूज को काटकर लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

प्रशासन ने जारी की सूची
प्रशासन ने घटना के बाद सूचियां जारी की है। इनमें मृतकों, लापता लोगों और बचाए गए लोगों की जानकारी दी गई है। प्रशासन द्वारा जारी की गई सूची के मुताबिक अब तक 6 लोगों की मौत हुई है, जबकि 9 लोग लापता हैं और 24 लोगों की सुरक्षित बचाया जा चुका है।

सरकार ने की मुआवजे की घोषणा
सरकार ने मृतकों के परिवार के लिए मुआवजे की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने x पोस्ट कर लिखा कि इस हादसे में जो जनहानि हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।









