छत्तीसगढ़ में पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति पर विवाद, UPSC ने CS को लिखी चिट्‌ठी; DG कॉन्फ्रेंस के समय भी नहीं था स्थायी प्रमुख

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशक की पूर्णकालिक नियुक्ति (Full-time DGP) को लेकर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है कि प्रदेश में अब तक स्थायी डीजीपी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई।

यूपीएससी ने प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील को पत्र लिखा कि राज्य सरकार ने अभी तक पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना आयोग को नहीं भेजी है। आयोग ने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 3 जुलाई 2018 के आदेश का हवाला देते हुए पूछा है कि नियुक्ति में देरी क्यों हो रही है? मुख्य सचिव ने ‘द लेंस’ से UPSC से मिली चिट्‌ठी की पुष्टि की है।

राज्य सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को 4 फरवरी 2025 को डीजीपी का प्रभार सौंपा था। उन्होंने पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा के सेवानिवृत्त होने के बाद पदभार संभाला, लेकिन उन्हें पूर्णकालिक डीजीपी के बजाय प्रभारी (In-charge) डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी दी गई।

इसके बाद यूपीएससी ने 13 मई 2025 को योग्य आईपीएस अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेज दिया था। नियमों के मुताबिक राज्य सरकार को उसी पैनल में शामिल किसी एक अधिकारी को तत्काल पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त करना था, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।

यह मुद्दा पहले भी चर्चा में आ चुका है। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में 28 से 30 नवंबर के बीच आयोजित डीजी कॉन्फ्रेंस के दौरान भी प्रदेश में स्थायी डीजीपी नहीं था। इसको लेकर द लेंस ने खबर प्रकाशित कर सवाल उठाए थे कि जिस राज्य में देशभर के पुलिस प्रमुखों की बैठक हो रही है, वहीं स्वयं राज्य में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति नहीं है।

इसे पढ़ें: क्या DG कॉन्फ्रेंस तक मेजबान छत्तीसगढ़ को स्थायी डीजीपी मिल जाएंगे?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार में स्पष्ट कहा है कि किसी भी राज्य में प्रभारी डीजीपी की व्यवस्था स्थायी रूप से नहीं चल सकती और नियुक्ति यूपीएससी के पैनल से ही की जानी चाहिए।

अब यूपीएससी की चिट्ठी के बाद यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार को जल्द ही इस मुद्दे पर स्पष्ट फैसला लेना पड़ सकता है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories