समलखा में संघ का शंखनाद, मोहन भागवत का संबोधन कल

RSS Haryana meeting

नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली

RSS Haryana meeting: हरियाणा के पानीपत जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय बैठक आज से शुरू हो गई। इस बैठक में देशभर से RSS और उससे जुड़े  अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो  रहे हैं।

कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद हैं, जो यहां मौजूद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से बातचीत करेंगे। इस बैठक को संघ के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें पिछले एक साल के कामकाज की समीक्षा के साथ भावी रणनीति पर भी चर्चा होगी

सभी राज्यों की रिपोर्ट पर चर्चा

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि ये संघ की गतिविधियों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि इस दौरान अलग-अलग विषयों पर चर्चा और विचार-विमर्श होगा। उन्होंने बताया कि इस साल संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है, इसलिए इस बैठक का महत्व और भी बढ़ गया है। बैठक में देश के सभी राज्यों की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी, जिससे संगठन के कामकाज का पूरा आकलन किया जा सके।

संवाद और संपर्क बढ़ाने पर जोर

तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कई सभाएं और सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे.इनमें प्रमुख नागरिकों की सभाएं, हिंदू सम्मेलन, गृह संपर्क कार्यक्रम, युवा सम्मेलन और सामाजिक सद्भाव बैठक शामिल हैं. इन कार्यक्रमों के जरिए समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गृह संपर्क अभियान के तहत संगठन अब तक देशभर में 10 करोड़ से ज्यादा घरों तक पहुंच चुका है।

पिछले एक साल में 6000 नई शाखाएं

संघ के प्रचार प्रमुख ने कहा कि “पिछले एक साल में संगठन का विस्तार तेजी से हुआ है। देशभर में करीब 6000 नई शाखाएं शुरू हुई हैं। इन सभी गतिविधियों का विवरण भी इस बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में यह भी चर्चा होगी कि आने वाले समय में संगठन को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए और किन क्षेत्रों में काम को और मजबूत किया जाए।
भविष्यगत योजनाओ पर भी चर्चा

सुनील अंबेकर ने कहा कि बैठक के दौरान संघ के प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी विचार होगा। इसमें शिक्षा वर्ग यानी प्रशिक्षण शिविर, कार्यकर्ता विकास शिविर और अन्य प्रशिक्षण गतिविधियों की योजना पर चर्चा की जाएगी।इसके साथ ही अगले साल के लिए संघ की कार्य योजना को अंतिम रूप देने पर भी विचार किया जाएगा, ताकि संगठन के कार्यक्रमों को आगे बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।

15 मार्च को होगा भागवत का संबोधन

इस बैठक में संघ और उससे जुड़े 32 संगठनों के कुल 1487 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। कार्यक्रम को लेकर अच्छा उत्साह देखने को मिल रहा है। अलग-अलग दिन कई वक्ता यहां मौजूद प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का मुख्य संबोधन 15 मार्च को होने वाला है, जिसे इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण सत्र माना जा रहा है।

चुनावी राज्यों पर विशेष चर्चा

बैठक के दौरान आने वाले समय की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा. बताया गया कि अगले समय में नौ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव होने हैं।ऐसे में सामाजिक गतिविधियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की जाएगी, ताकि संगठन अपनी भविष्य की रणनीति तय कर सके।

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