नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
एक विदेशी हैकर ने तीन साल पहले FBI के न्यूयॉर्क फील्ड ऑफिस में घुसपैठ के दौरान मृत सेक्स ऑफेंडर जेफरी एपस्टीन की जांच से संबंधित फाइलों को हैक किया। समाचार एजेंसी रायटर्स ने यह खुलासा हाल में प्रकाशित न्याय विभाग के दस्तावेजों और सूत्रों के हवाले से प्रकाशित किया है।
रायटर्स के अनुसार यह विवरण पहली बार रिपोर्ट किया जा रहा है कि किसने FBI के न्यूयॉर्क फील्ड ऑफिस के सर्वर तक पहुंच बनाई, जिसमें विदेशी हैकर शामिल होने का आरोप है।FBI ने बयान इसे “साइबर अटैक” बताया गया है और यह अकेली घटना थी। FBI ने घटना के बाद हैकर की पहुंच प्रतिबंधित की और नेटवर्क को ठीक किया। सूत्रों का कहना था कि जांच जारी है, इसलिए हम अभी और टिप्पणी नहीं दे सकते।”
सूत्र के अनुसार यह घुसपैठ एक साइबरक्रिमिनल द्वारा की गई लगती है, न कि किसी विदेशी सरकार द्वारा।लेकिन यह घटना फाइलों को लेकर दुनिया के डर को उजागर करती है। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों कके कानूनी रूप से अनिवार्य प्रकाशन से मृत फाइनेंशियर के राजनीतिक, वित्त, अकादमिक और बिजनेस में प्रमुख लोगों से संबंध उजागर हुए हैं, जिससे दुनिया भर में जांच शुरू हुई है।
जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के जॉन लिंडसे ने कहा:”अगर आप रूसी हैं या कोई कोम्प्रोमैट में रुचि रखने वाला, तो एपस्टीन फाइल्स पर हमला न करना कौन चाहेगा? अगर विदेशी खुफिया एजेंसियां एपस्टीन फाइल्स को लक्ष्य के रूप में गंभीरता से नहीं सोच रही हैं, तो मैं हैरान हो जाऊंगा।”
एपस्टीन, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लंबे समय के सहयोगी थे, ने 2008 में नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति के आरोपों में दोषी करार दिया था। 2019 में फिर से गिरफ्तार होने के बाद जेल में फांसी पर लटके पाए गए, जिसे सुसाइड माना गया।यह हैक तब हुआ जब चाइल्ड एक्सप्लॉइटेशन फोरेंसिक लैब का सर्वर स्पेशल एजेंट आरोन स्पिवैक द्वारा डिजिटल सबूत हैंडल करने की जटिल प्रक्रियाओं में गलती से असुरक्षित छोड़ दिया गया।
स्पिवैक द्वारा लिखी गई टाइमलाइन के अनुसार, ब्रेक-इन 12 फरवरी 2023 को हुआ। अगले दिन स्पिवैक ने कंप्यूटर चालू किया तो एक टेक्स्ट फाइल मिली जिसमें चेतावनी थी कि नेटवर्क हैक हो गया है। जांच में पता चला कि सर्वर पर असामान्य गतिविधि थी, जिसमें “एपस्टीन जांच से संबंधित कुछ फाइलों की छानबीन” शामिल थी।
टाइमलाइन में विशिष्ट फाइलें, डाउनलोड या हैकर की पहचान नहीं बताई गई। रॉयटर्स यह स्थापित नहीं कर सका कि प्रभावित डेटा का इस साल प्रकाशित या सील एपस्टीन दस्तावेजों से कितना ओवरलैप है।स्पिवैक ने जांचकर्ताओं से कहा कि वह घुसपैठ के लिए बलि का बकरा बनाया जा रहा है और ब्यूरो की नीतियां व आईटी गाइडेंस दोषपूर्ण थे।
सूत्र ने कहा कि हैकर को पता नहीं था कि यह लॉ एनफोर्समेंट सर्वर है। उन्होंने चाइल्ड अब्यूज इमेज देखकर घृणा जताई और मालिक को FBI को सौंपने की धमकी दी। FBI ने वीडियो चैट पर क्रेडेंशियल्स दिखाकर स्थिति संभाली।
हैकर की पहचान, देश, सामग्री का उपयोग या सजा अभी अज्ञात है। कई न्याय विभाग दस्तावेज रेडैक्टेड हैं या गुप्त रखे गए हैं, हालांकि कानून से पूर्ण रिलीज अनिवार्य थी। ट्रंप प्रशासन पीड़ितों की पहचान या जांच को खतरे में डालने वाली सामग्री रोक रहा है।











