US-Israel Iran War: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब अपने 11वें दिन में प्रवेश कर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार रात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर लंबी बातचीत की। ट्रम्प ने बताया कि पुतिन ने ईरान युद्ध को जल्द खत्म करने में मदद करने की इच्छा जताई है। हालांकि ट्रम्प ने पुतिन से कहा कि अगर वे यूक्रेन युद्ध को पहले समाप्त कराने में सहयोग करें तो यह ज्यादा बेहतर होगा। फ्लोरिडा में मीडिया से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि यह उनकी और पुतिन की युद्ध शुरू होने के बाद पहली बातचीत थी। ट्रम्प ने दावा किया कि पिछले 10 दिनों में अमेरिका ने 51 ईरानी जहाज डुबो दिए हैं और 5,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। उन्होंने ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ को बहुत सफल बताया और कहा कि युद्ध के शुरुआती दो दिनों में ही ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो गई।
ट्रम्प के अनुसार, ईरान के पास अब नौसेना, वायुसेना या एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम बचे नहीं हैं। रडार, संचार व्यवस्था और कई महत्वपूर्ण ठिकाने तबाह हो चुके हैं।ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश की तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा। उन्होंने कहा कि दुश्मन के पूरी तरह खत्म होने तक जंग जारी रहेगी। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक 5,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन कुछ अहम जगहों को जानबूझकर छोड़ा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर बाद में कार्रवाई हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है, लेकिन फिलहाल सैन्य अभियान जारी रहेगा।
ईरान का जवाब – युद्ध का अंत हम तय करेंगे
ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ चल रही जंग में अपना मजबूत रुख दोहराया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा है कि “युद्ध का अंत हम तय करेंगे। इलाके की समीकरण और भविष्य अब हमारी सशस्त्र सेनाओं के हाथ में हैं। अमेरिकी सेनाएं युद्ध को खत्म नहीं करेंगी।”यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन दावों के ठीक उलट है, जिनमें उन्होंने कहा था कि युद्ध उनके नियंत्रण में है और जल्द ही समाप्त हो जाएगा। ईरान ने साफ संदेश दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव में नहीं आएगा और लड़ाई जारी रखेगा।
ट्रम्प के बयान से बड़ा असर, कच्चा तेल 9% सस्ता हुआ
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार (10 मार्च 2026) को तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान युद्ध जल्द खत्म होने वाले बयानों के बाद बाजार में राहत की लहर दौड़ गई, जिससे तेल की कीमतें भारी गिर गईं।एशियाई कारोबार के शुरुआती घंटों में ब्रेंट क्रूड (अंतरराष्ट्रीय मानक) की कीमत करीब 8-9% गिरकर लगभग 92-94 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई। इससे एक दिन पहले यह 115-119 डॉलर के आसपास पहुंच गई थी। इसी तरह अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 9% तक टूटकर 88-90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
ईरानी महिला फुटबॉल टीम की 5 खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने दी शरण
इस बीच, एक अलग घटना में ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय आधार पर वीजा दे दिया है। ये खिलाड़ियां एशियन कप टूर्नामेंट में हिस्सा लेने ऑस्ट्रेलिया गई थीं, लेकिन टीम के एशियन कप से बाहर होने के बाद वे घर लौटने से डर रही थीं।खिलाड़ियों के नाम हैं: फतेमेह पसंदिदेह, जहरा घनबारी (कप्तान), जहरा सरबली, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी। पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले इन खिलाड़ियों ने ईरान का राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की कड़ी आलोचना की और सजा की मांग की।
सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने पर ऑस्ट्रेलिया ने इन पांचों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया और मानवीय वीजा जारी किया। इस वीजा से वे ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं, काम कर सकती हैं और पढ़ाई भी जारी रख सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इसकी पुष्टि की। बाकी टीम सदस्यों को भी अगर वे चाहें तो रहने की इजाजत दी जा सकती है। गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर सैकड़ों लोगों ने “सेव अवर गर्ल्स” के नारे लगाकर समर्थन जताया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है। यह युद्ध मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ा रहा है, जिसका असर वैश्विक तेल कीमतों और सप्लाई पर पड़ रहा है। दोनों पक्षों से अलग-अलग बयान आ रहे हैं, लेकिन ट्रम्प का जोर है कि अमेरिका अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।











