Melania Trump : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक ऐतिहासिक बैठक में अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने सोमवार को अध्यक्षता की। यह पहला मौका था जब किसी विश्व नेता की पत्नी ने इस शक्तिशाली वैश्विक मंच की बैठक की कमान संभाली। बैठक का मुख्य विषय था संघर्ष प्रभावित बच्चों की शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा।
दरअसल मार्च महीने में अमेरिका सुरक्षा परिषद की रोटेशनल अध्यक्षता संभाल रहा है। मेलानिया ने अपने संबोधन में जोर दिया कि शिक्षा ही शांति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि बच्चों को ज्ञान और तकनीक से सशक्त बनाने से दुनिया में सहिष्णुता और समझ बढ़ेगी, जिससे स्थायी शांति संभव हो सकेगी। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की कि संघर्ष के दौरान बच्चों की सुरक्षा और उनकी पढ़ाई को प्राथमिकता दी जाए लेकिन यह बैठक ऐसे वक्त में हुई जब मध्य पूर्व में हालात बेहद नाजुक हैं।
फरवरी के अंत से अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की है। इन हमलों में ईरान के कई सैन्य अड्डे, मिसाइल ठिकाने और अन्य महत्वपूर्ण स्थल निशाना बने हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 165 से अधिक बच्चियां मारी गईं और दर्जनों घायल हुईं।
तेहरान ने इसे जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों पर हमला बताया है।ईरान ने इस पूरी स्थिति को दोहरा मापदंड करार दिया। ईरानी प्रतिनिधि ने UN में कहा कि एक तरफ अमेरिका ईरान पर हमले कर रहा है जिसमें निर्दोष बच्चे मारे जा रहे हैं और दूसरी तरफ उसकी प्रथम महिला बच्चों की सुरक्षा पर वैश्विक मंच से भाषण दे रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह से पाखंडपूर्ण और शर्मनाक बताया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत की राह अपनाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष और विस्तारित हो सकता है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति मध्य पूर्व में लंबे समय तक अस्थिरता पैदा कर सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन कार्रवाइयों को ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी बताया है जबकि ईरान ने जवाबी हमलों की धमकी दी है।








