नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली। अमेरिकी अधिकारी के हवाले से न्यूज आउटलेट सेमफोर ने रिपोर्ट किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान (US strikes)पर अपने हमले जारी रखेगा, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित पांच दिनों की रोक केवल तेहरान की पावर प्लांट्स और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों तक ही सीमित होगी।
अमेरिकी अधिकारी ने सेमाफोर को बताया किपांच दिनों के लिए हमलों पर रोक केवल उनकी ऊर्जा साइट्स पर है। यह सैन्य साइट्स, नौसेना, बैलिस्टिक मिसाइलें और रक्षा औद्योगिक आधार पर नहीं है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआती पहलें जारी रहेंगी।
ट्रंप ने सोमवार सुबह कहा था कि उन्होंने पेंटागन को ईरान की पावर प्लांट्स और अन्य ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले पांच दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है, क्योंकि ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत उत्पादक साबित हो रही है।ट्रंप ने इन बातचीत को बहुत अच्छी और उत्पादक बताया था और कहा था कि युद्ध का पूर्ण और वास्तविक समाधान हो सकता है।हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार कर दिया है।
सेमाफोर की रिपोर्ट के अनुसार, इस पॉज का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका सभी हमले रोक देगा। सैन्य ठिकानों, नौसेना, बैलिस्टिक मिसाइलों और रक्षा उद्योग से जुड़े लक्ष्यों पर हमले जारी रहेंगे। रॉयटर्स समेत नया एजेंसियां इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सके हैं।व्हाइट हाउस, अमेरिकी विदेश विभाग और पेंटागन ने नियमित कार्यालय समय के बाहर होने के कारण इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
इस बीच हारेट्ज ने तेल अबीब पर इरानी हमले की बात कहीं है वह अल जजीरा ईरान ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में, विशेष रूप से आधी रात से, हमने तेहरान में बड़े पैमाने पर विस्फोटों की आवाजें सुनी हैं। तब्रीज़, इस्फ़हान और कराज में हुए विस्फोटों की रिपोर्ट और फुटेज भी प्राप्त हुए हैं।
ईरान का कहना है कि अमेरिका-इजरायल हमलों में अब तक 208 बच्चों की मौत हुई है।आपातकालीन सेवा के प्रमुख के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में मारे गए बच्चों की संख्या बढ़कर 208 हो गई है।
सरकारी प्रसारक आईआरआईबी द्वारा प्रकाशित एक वीडियो बयान में, जाफर मियादफर ने कहा कि मारे गए 208 बच्चों में से 168 बच्चे युद्ध की शुरुआत में मीनाब शहर के एक गर्ल्स स्कूल पर अमेरिकी मिसाइल हमलों में मारे गए थे।
मियादफर ने आगे कहा कि मारे गए 13 बच्चों की उम्र पांच साल से कम थी, और सबसे छोटा बच्चा तीन दिन का था।ईरानी सरकार के अनुसार, देश भर में अब तक 1,500 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं।









