US Israel And Iran War : मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा तनाव आज 17वें दिन में पहुंच गया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO देशों और चीन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ये देश होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने में मदद नहीं करेंगे, तो NATO का भविष्य खतरे में पड़ सकता है और चीन के साथ होने वाली बैठक रद्द हो सकती है। दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जिसकी वजह से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
ट्रम्प की NATO को सख्त चेतावनी
ट्रम्प ने एक साक्षात्कार में NATO सहयोगियों से अपील की कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए युद्धपोत और अन्य सहायता भेजें। उन्होंने यूक्रेन संकट का जिक्र करते हुए कहा, “हमने NATO की मदद की, अब उनकी बारी है। अगर वे हमारी मदद नहीं करेंगे, तो NATO का भविष्य बहुत बुरा होगा।” ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरान पर कड़ा प्रहार कर रहा है और ईरान की ताकत अब कमजोर पड़ रही है।
चीन को भी ट्रम्प की धमकी
ट्रम्प ने चीन पर दबाव बनाते हुए कहा कि अगर चीन होर्मुज की सुरक्षा में सहयोग नहीं करता, तो वे 31 मार्च को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली शिखर बैठक स्थगित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि चीन को इस रास्ते से 90% तेल मिलता है, इसलिए उसे माइनस्वीपर्स (खदानों को साफ करने वाले जहाज) और अन्य मदद भेजनी चाहिए। ट्रम्प के मुताबिक, इस रास्ते से फायदा उठाने वाले सभी देशों को इसकी रक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी।
दुबई एयरपोर्ट के पास फ्यूल टैंक में आग
संघर्ष के बीच आज सुबह दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक ईंधन टैंक पर हमला हुआ, जिससे आग लग गई। दुबई मीडिया कार्यालय ने बताया कि सिविल डिफेंस टीमों ने आग पर काबू पा लिया है और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सुरक्षा के चलते एयरपोर्ट पर उड़ानें कुछ समय के लिए रोक दी गईं। इससे पहले भी युद्ध के दौरान दुबई पर हमले हो चुके हैं।
ईरान-फ्रांस नेताओं की फोन पर बातचीत
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने टेलीफोन पर मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव पर चर्चा की। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान कूटनीति का समर्थन करता है लेकिन ‘आक्रामक’ कार्रवाइयों के खिलाफ अपनी रक्षा जारी रखेगा। मैक्रों ने चिंता जताते हुए कहा कि अनियंत्रित संघर्ष पूरे क्षेत्र को तबाही की ओर ले जा रहा है और एक नया राजनीतिक-सुरक्षा ढांचा बनाने की जरूरत है, जो सभी के लिए शांति सुनिश्चित करे।
तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल
युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में हलचल मची हुई है। अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) आज 102 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई में रुकावट की वजह से कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
UAE में 19 भारतीयों की गिरफ्तारी
संघर्ष के दौरान UAE ने सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाने के आरोप में 35 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 19 भारतीय शामिल हैं। UAE के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्स ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्मों की निगरानी के बाद यह कार्रवाई की गई है, ताकि अफवाहों से अशांति न फैले। भारतीय दूतावास इस मामले पर नजर रखे हुए है।
जापान का होर्मुज पर रुख
जापान की प्रधानमंत्री सना ताकाइची ने संसद में स्पष्ट किया कि उनका देश फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसेना नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा, ‘हम कोई फैसला नहीं ले रहे हैं। हम देख रहे हैं कि कानूनी रूप से क्या संभव है और जापान अपने स्तर पर क्या कर सकता है।’
ट्रम्प ने ईरान पर लगाया एक और आरोप
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अमेरिकी मीडिया पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया ईरान के प्रभाव में फर्जी खबरें फैला रहा है। ट्रम्प के मुताबिक, ईरान AI की मदद से झूठी कहानियां बना रहा है, जैसे अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन में आग लगने की खबर, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने ऐसे मीडिया पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की और कहा कि ईरान को भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन वह फर्जी दावों से खुद को मजबूत दिखा रहा है।










