अब यूक्रेन ने किया रूस के तेल बंदरगाहों पर अटैक,60% समुद्री तेल होता है निर्यात,और गहरा सकता है तेल संकट

March 23, 2026 4:45 PM
Ukraine Strikes Russia

Ukraine Strikes Russia: यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस के उत्तर-पश्चिमी बाल्टिक सागर तट पर स्थित दो सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्रों प्रिमोर्स्क और उस्त-लुगा को बुरी तरह प्रभावित किया है। लेनिनग्राद क्षेत्र के गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज़डेंको ने सोमवार सुबह बताया कि प्रिमोर्स्क बंदरगाह में ड्रोन हमलों से ईंधन भंडारों में आग लग गई। फायर ब्रिगेड आग बुझाने में जुटी है और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया है।

प्रिमोर्स्क बंदरगाह रोजाना 10 लाख बैरल से ज्यादा क्रूड ऑयल निर्यात करता है और रूस के प्रमुख उराल्स क्रूड तथा उच्च गुणवत्ता वाले डीजल का मुख्य निर्यात केंद्र है। रॉयटर्स के रिपोर्ट के अनुसार हमलों के बाद रविवार से ही प्रिमोर्स्क और उस्त-लुगा दोनों बंदरगाहों से क्रूड ऑयल और ईंधन का निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है। उस्त-लुगा बंदरगाह रोजाना करीब 7 लाख बैरल तेल निर्यात करता है। हालांकि गवर्नर ड्रोज़डेंको ने उस्त-लुगा में नुकसान का जिक्र नहीं किया, लेकिन फिलहाल यहां भी ऑपरेशन बंद हैं। रूस की तेल पाइपलाइन कंपनी ट्रांसनेफ्ट ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार रविवार रात से सोमवार सुबह तक लेनिनग्राद क्षेत्र के ऊपर 70 से ज्यादा यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया गया, जबकि पूरे रूस में 249 ड्रोन नष्ट किए गए। पेट्रोग्राद के पुलकोवो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी ड्रोन हमलों के कारण रात 12 बजे से सुबह 9 बजे तक उड़ानें रोक दी गई थीं।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से ही अस्थिर है, ईरान ने अमेरिका-इजराइल हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है जिससे तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है।

यूक्रेन ने पिछले कुछ महीनों में रूस के तेल रिफाइनरी और निर्यात सुविधाओं पर लगातार हमले किए हैं, ताकि मॉस्को की युद्ध अर्थव्यवस्था को कमजोर किया जा सके। सितंबर 2025 में भी प्रिमोर्स्क पर हमला हुआ था, जिससे तेल लोडिंग बाधित हुई थी। इस महीने ब्लैक सागर के नवोरोसिस्क बंदरगाह पर भी ड्रोन हमलों से निर्यात प्रभावित हुआ।

इन हमलों से रूस की तेल आय में कमी आएगी, जो उसके युद्ध प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है। वैश्विक तेल कीमतों पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि होर्मुज बंदी के साथ अब बाल्टिक बंदरगाहों का ठप होना आपूर्ति संकट को और गहरा कर सकता है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now