क्या है सेक्शन 301 जिसे ट्रंप ने बनाया टैरिफ का नया हथियार, भारत समेत 16 देशों की जांच

Trump tariff

लेंस डेस्‍क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने व्यापार युद्ध को नया रूप देते हुए सेक्शन 301 ऑफ द ट्रेड एक्ट 1974 के तहत 16 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू कर दी है। यह कदम पिछले महीने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप की ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ नीति को असंवैधानिक करार देने के बाद उठाया गया है।

यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर ने इसकी घोषणा की और कहा कि ये जांच विदेशी अर्थव्यवस्थाओं में ‘स्ट्रक्चरल एक्सेस कैपेसिटी’ (अत्यधिक उत्पादन क्षमता) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अतिरिक्त उत्पादन को लेकर है, जो अमेरिकी उद्योग को नुकसान पहुंचा रही है।

USTR के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन देशों की नीतियां, सब्सिडी, स्टेट-ओन्ड एंटरप्राइजेज और अन्य प्रथाएं अमेरिकी व्यापार को बोझ बना रही हैं। ग्रीर ने कहा, “अमेरिका अब अपने औद्योगिक आधार को उन देशों के लिए बलि नहीं चढ़ाएगा जो अपनी अतिरिक्त उत्पादन समस्या को हमारे यहां निर्यात कर रहे हैं।” जांच का मकसद यह देखना है कि ये प्रथाएं ‘अनुचित या भेदभावपूर्ण’ हैं या नहीं, और अगर पाई गईं तो टैरिफ या अन्य प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

सेक्शन 301 क्या है?

सेक्शन 301 ट्रेड एक्ट 1974 का एक शक्तिशाली हथियार है, जिसके तहत USTR विदेशी देशों की अनुचित व्यापार प्रथाओं की जांच कर सकता है और टैरिफ, आयात प्रतिबंध या अन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भी चीन के खिलाफ इसी का इस्तेमाल किया था। अब यह जांच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अतिरिक्त क्षमता, सरकारी सब्सिडी, कम मजदूरी और ट्रेड सरप्लस पर केंद्रित है।

भारत के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि अमेरिका भारत का प्रमुख निर्यात बाजार है। भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस (2025 में लगभग 58 अरब डॉलर) और कुछ सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, जांच में बातचीत का रास्ता भी खुला है और कई बार ऐसे मामलों में टैरिफ से पहले समझौता हो जाता है।

अब आगे क्या?

USTR ने सभी 16 देशों से परामर्श मांगा है। पब्लिक कमेंट्स 17 मार्च से 15 अप्रैल तक लिए जाएंगे और सुनवाई 5 मई को होगी। जांच पूरी होने में 12 महीने तक लग सकते हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह अमेरिकी रीइंडस्ट्रियलाइजेशन और अच्छे रोजगार के लिए जरूरी है।

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