सुकमा में उबाल : बस्तरिया राज युवा मोर्चा ने किया कलेक्टर कार्यालय घेराव, बैरिकेड तोड़कर प्रदर्शन

March 23, 2026 10:33 PM
Sukma protest

सुकमा। जिले की बुनियादी समस्याओं को लेकर सोमवार को सुकमा में माहौल गरमा गया, जब बस्तरिया राज युवा मोर्चा और छात्र मोर्चा ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। आक्रोशित युवाओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बन गई।

मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ता अपने दस सूत्रीय मांग को लेकर कलेक्टर सड़क स्थित ऑडिटोरियम परिसर में एकत्र हुए, जहां सभा आयोजित की गई। सभा के बाद जुलूस की शक्ल में प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़े और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिले में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। जल जीवन मिशन के कार्य वर्षों से अधूरे पड़े हैं, जिससे ग्रामीण शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई हैंं। ग्रामीण अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है, वहीं जिला अस्पताल में दवाइयों और संसाधनों का अभाव है। डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड के उपयोग में मनमानी का आरोप लगाते हुए तत्काल रोक की मांग की गई।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने कहा कि प्रदेश सरकार मनमाने तरीके से काम कर रही है और स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ठप है।

वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम ने जल जीवन मिशन की धीमी रफ्तार और अधूरे कार्यों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों में स्वीकृत कार्यों को भी बाहरी एजेंसियों से कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा।

नेता रामा सोढ़ी ने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि कई स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की भारी कमी है। साथ ही छात्रावासों, आश्रमों और पोटाकेबिनों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को तत्काल सुधारने की मांग की।

सभा के बाद जैसे ही प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए। लेकिन आक्रोशित युवाओं ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया।

आखिरकार प्रदर्शनकारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

कुल मिलाकर, सुकमा में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर जनता का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है।

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