रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के दोषसिद्धि निर्णय के खिलाफ अपील की सुनवाई करते हुए बुधवार को एक मामले में फैसला सुनाया कि किसी महिला ‘I love you’ कहना, हाथ पकड़ना और अपनी ओर खींचना अपराध है क्योंकि यह महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
दरअसल रायगढ़ जिले में घटी इस घटना के समय 19 वर्ष के आरोपी को 2022 में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट द्वारा आईपीसी की धारा 354 और पास्को अधिनियम के तहत 3 साल के कठोर कारावास के साथ-साथ 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
पीड़िता ने नवंबर 2019 में लिखित पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने उसे ‘आई लव यू’ कहते हुए रोका, उसका हाथ पकड़ा और उसे अपनी ओर खींच लिया। इसके बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकल न्यायाधीश पीठ ने पाया कि पीओसीएसओ अधिनियम के तहत अपराध के लिए दोषसिद्धि ‘स्थिर नहीं’ थी क्योंकि अभियोजन पक्ष घटना की तारीख पर पीड़ित को नाबालिग साबित करने में विफल रहा था, लेकिन कहा कि फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराने में कोई गलती नहीं की।









