नई दिल्लीl RSS के महासचिव दत्तात्रेय हसबोले ने मंगलवार को पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ संवाद के द्वार बंद नहीं करने की बात कही है। RSS सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक मार्गदर्शक है। हसबोले RSS प्रमुख मोहन भागवत के बाद संगठन के नंबर दो नेता हैं। यह बात उस वक्त कही गई है जब भारत सरकार कहती रही है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है।
हसबोले ने PTI को बताया कि अगर पाकिस्तान पुलवामा जैसी घटनाएं करने की कोशिश करता है तो हमें स्थिति के अनुसार उचित जवाब देना चाहिए, क्योंकि देश और राष्ट्र की सुरक्षा और आत्मसम्मान की रक्षा करनी होती है। सरकार को इसे ध्यान में रखकर कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन साथ ही हमें द्वार बंद नहीं करने चाहिए। हमें हमेशा संवाद के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि इसीलिए राजनयिक संबंध बनाए रखे जाते हैं, व्यापार-वाणिज्य जारी रहता है और वीजा जारी किए जाते हैं। इन्हें बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि संवाद के लिए हमेशा एक खिड़की खुली रहनी चाहिए।
हसबोले ने दोनों देशों के बीच साझा इतिहास की ओर इशारा करते हुए कहा कि लोगों के बीच संबंध तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं।लोगों के बीच संबंध भारत-पाकिस्तान के तनाव को कम कर सकते हैं क्योंकि हमारे सांस्कृतिक संबंध हैं और हम कभी एक राष्ट्र थे। मुझे दृढ़ विश्वास है कि नागरिक समाज के संपर्क अंततः पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य बनाने में मदद करेंगे; इसे अब और अधिक प्रयास करना चाहिए।
हसवोले ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और नागरिक समाज से शांति के लिए आगे आने की अपील की, क्योंकि उसकी सेना पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
ये टिप्पणियां पिछले साल के भारत-पाकिस्तान संघर्ष की पहली वर्षगांठ के कुछ दिनों बाद आई हैं। अप्रैल 22, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद यह संघर्ष शुरू हुआ था। 6-7 मई 2025 की रात भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला कर 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया। 10 मई को इस्लामाबाद ने युद्धविराम की अपील की, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, सरकार का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर केवल रोका गया है और जरूरत पड़ने पर फिर शुरू किया जा सकता है।









