रायपुर। डिजिटल और न्यू मीडिया (Digital & New Media) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के दौर में तथ्यपरक, विश्वसनीय और जिम्मेदार पत्रकारिता की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। यह बात जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने रायपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि आज ‘अटेंशन’ की होड़ में भ्रामक खबरों का बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है और मीडिया की सबसे बड़ी पूंजी उसकी विश्वसनीयता है।
रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित संवाद कार्यक्रम में जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल और रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने पत्रकारों और प्रेस क्लब के पदाधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान प्रेस क्लब के विकास, मीडिया के बदलते स्वरूप और जनसंपर्क की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
रजत बंसल ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा ने पत्रकारिता के स्वरूप को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा, ‘आज अटेंशन पाने का दौर है। लोगों का ध्यान आकर्षित करने की होड़ में कई बार ऐसी खबरें सामने आती हैं जो भ्रामक होती हैं। अटेंशन के लिए हो रही पत्रकारिता का यह स्वरूप हम सभी को सोचने पर मजबूर करता है।’
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और न्यू मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच यह और भी जरूरी हो गया है कि मीडिया तथ्य आधारित, प्रमाणिक और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दे।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि डिजिटल युग में जहां खबरें तेजी से फैलती हैं, वहीं भ्रम भी उतनी ही तेजी से फैलता है। उन्होंने नए मीडिया माध्यमों में भी पत्रकारिता के पारंपरिक सिद्धांतों को जीवित रखने पर जोर देते हुए कहा कि पत्रकारों की असली जिम्मेदारी सच की रोशनी से भ्रम के जाल को काटना है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश शर्मा ने कहा कि जनसंपर्क विभाग और पत्रकारिता एक-दूसरे के पूरक हैं। वरिष्ठ पत्रकार बृजेश चौबे ने कहा कि पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग के बीच बेहतर समन्वय, सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और सहयोग की भावना समय की आवश्यकता है।









