नई दिल्ली। ओडिशा में राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election 2026) के दौरान क्रॉस-वोटिंग के आरोपों ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें विपक्षी दलों के कई विधायकों पर अपनी पार्टी लाइन के खिलाफ वोट करने की रिपोर्ट है।विपक्षी नेताओं ने मतदान प्रक्रिया और कुछ विधायकों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
राज्यसभा चुनाव में नवीनतम अपडेट के अनुसार, आठ विधायकों के क्रॉस-वोटिंग में शामिल होने की आशंका है, जिससे राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के तीन विधायक दशरथी गोमांगा, सोफिया फिरदौस और रमेश जेना ने कथित तौर पर पार्टी के निर्देश के खिलाफ वोट दिया। इसके अलावा, बीजू जनता दल (बीजेडी) के तीन विधायक चक्रमणि कन्हार, सौभिक बिस्वाल और सुबासिनी जेना पर भी क्रॉस-वोटिंग का संदेह है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि निलंबित बीजेडी विधायक सना मोहंती और अरविंद मोहापात्र ने पार्टी की स्थिति के विपरीत वोट डाले हैं।
कांग्रेस और बीजेडी की आपत्ति
पूर्व सीएम नवीन पटनायक और वरिष्ठ बीजेडी नेता प्रताप केशरी देब ने कथित क्रॉस-वोटिंग पर कड़ी आपत्ति जताई और मतदान स्थल पर मौजूद चुनाव अधिकारियों से असंतोष व्यक्त किया।उन्होंने प्रक्रिया के दौरान अपनी चिंताएँ दर्ज करते हुए मतदान प्रक्रिया के कुछ पहलुओं पर भी सवाल उठाए हैं।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में तीन कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है।उन्होंने कहा कि इस मामले को फोन पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को सूचित कर दिया गया है और लिखित रिपोर्ट भी भेजी जाएगी।दास ने निराशा जताते हुए कहा कि उन्हें कुछ विधायकों से पार्टी लाइन के खिलाफ वोट करने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे की समीक्षा करेगा और आगे के कदम तय करेगा।
सोफिया फिरदौस की चुप्पी ने सवाल बढ़ाए
इस बीच, सोफिया फिरदौस ने अपना वोट डाला और मीडिया से बात किए बिना विधानसभा परिसर छोड़ दिया। उनकी चुप्पी ने उनके वोटिंग को लेकर अटकलों को और बढ़ा दिया है।इस कांग्रेस विधायक ने पहले पार्टी के कुछ आंतरिक फैसलों पर असंतोष जताया था, जिससे कथित क्रॉस-वोटिंग को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।
राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग अक्सर संवेदनशील मुद्दा बन जाता है क्योंकि पार्टियाँ अपने विधायकों को स्पष्ट वोटिंग निर्देश जारी करती हैं। पार्टी लाइन से किसी भी विचलन से अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है और राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है।ओडिशा राज्यसभा चुनाव में आरोप सामने आने के साथ, सत्ताधारी और विपक्षी दोनों दल मतदान परिणाम की बारीकी से जांच करने और आवश्यकता पड़ने पर उचित कार्रवाई करने की उम्मीद कर रहे हैं।
बिहार में भी महागठबंधन के चार विधायक लापता
बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया है इस चुनाव में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उसके चार विधायकों ने वोट नहीं डाला। जानकारी के मुताबिक राजद के फैसल रहमान ने मतदान नहीं किया, जबकि कांग्रेस के तीन विधायक मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास ने भी अपना वोट नहीं डाला।
इसके कारण महागठबंधन के विधायकों का आंकड़ा 37 पर ही रुक गया। वहीं एनडीए के सभी 202 विधायकों ने मतदान किया है। ऐसे में एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश कुमार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। अनुमान है कि उन्हें एनडीए के 38 वोट मिल सकते हैं, जबकि आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह को 37 वोट मिलने की संभावना है। मतदान खत्म होने के बाद अब थोड़ी देर में मतगणना शुरू होगी, जिसके बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ में भी भाजपा थी क्रॉस वोटिंग की तैयारी में
छत्तीसगढ़ में भी एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने अतिरिक्त नामांकन पत्र खरीदा था और हल्ला था कि कांग्रेस के सात विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसकी खबर ‘द लेंस’ ने ‘राज्यसभा: छत्तीसगढ़ कांग्रेस क्रॉस वोटिंग की आशंका में चौकन्नी’ ने प्रकाशित की थी।
इसके बाद चरणदास महंत इन चर्चाओं से और भाजपा नेता के अतिरिक्त नामांकन पत्र खरीदने से सतर्क हो गए थे। उन्होंने अपने घर को बचाने के जतन किए और अंततः छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सेंधमारी नहीं हो सकी।











