Raipur News : रायपुर में रामकृष्ण केयर अस्पताल के सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की दुखद मौत हो गई। यह हादसा मंगलवार शाम को हुआ, जिसमें जहरीली गैस से दम घुटने के कारण तीनों की जान चली गई। एक अन्य मजदूर घायल है और उसका इलाज चल रहा है।
रायपुर के पचपेड़ी क्षेत्र में स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल के सेप्टिक टैंक (लगभग 50 फीट गहरा) की सफाई के लिए मजदूरों को बुलाया गया था। जानकारी के अनुसार, पहले एक मजदूर टैंक में उतरा, लेकिन अचानक बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए बाकी दो साथी भी नीचे गए, लेकिन वे भी जहरीली गैस (जैसे मीथेन या हाइड्रोजन सल्फाइड) की चपेट में आ गए। तीनों मजदूर मौके पर ही दम घुटने से मर गए। मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मांझी और सत्यम कुमार के रूप में हुई है। ये तीनों रायपुर के सिमरन सिटी इलाके के रहने वाले थे। एक अन्य मजदूर प्रशांत कुमार का इलाज अस्पताल में जारी है।
सुरक्षा उपकरणों की कमी
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों को कोई उचित सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे। उन्हें सिर्फ मास्क दिया गया और भरोसा दिलाया गया कि टैंक में कोई खतरा नहीं है। गैस टेस्टिंग, वेंटिलेशन, ऑक्सीजन सपोर्ट, सेफ्टी हार्नेस या रेस्क्यू लाइन जैसे जरूरी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया गया। यह लापरवाही का साफ मामला माना जा रहा है।
परिजनों का आक्रोश और हंगामा
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे। वे गुस्से में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाने लगे और मुआवजे की मांग करने लगे। परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने भारी बल तैनात किया। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
अस्पताल प्रबंधन और पुलिस की प्रतिक्रिया
अस्पताल प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की है। द लेंस ने अस्पताल प्रबंधन से बात की प्रबंधन ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 30 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा और मृतक परिवार के बच्चों को फ्री एजुकेशन अस्पताल के द्वारा दिया जाएगा । सेफ्टी इक्विपमेंट देने और लापरवाही के सवाल पर अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि सफाई की जिम्मेदारी कॉन्ट्रैक्ट के तहत किसी अन्य कंपनी को दी गई थी और उसे कंपनी के मालिक के परिजनों में से ही एक की मृत्यु हुई है।
बातचीत के बाद कुछ हद तक मामला शांत हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर सफाई मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है।






