नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कहा कि इंडिया ब्लॉक विशेष सत्र में डेलिमिटेशन बिल का विरोध करेगा, लेकिन महिला आरक्षण बिल का पूरा समर्थन करता है।खड़गे ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सभी घटक दलों के नेताओं ने आज उनकी आवास पर हुई बैठक में डेलिमिटेशन बिल पर विस्तृत चर्चा की और एकमत से इस बिल का विरोध करने का फैसला किया है।
खड़गे ने कहा, ‘हम महिला आरक्षण बिल के खिलाफ नहीं हैं। हमने 2010 में और फिर 2023 में भी इस बिल का समर्थन किया था। संसद ने इसे सर्वसम्मति से पास किया था। लेकिन हम डेलिमिटेशन बिल का विरोध करेंगे।’
इंडिया ब्लॉक की बैठक आज मल्लिकार्जुन खड़गे के नई दिल्ली स्थित आवास पर हुई। बैठक में महिला आरक्षण बिल और डेलिमिटेशन से संबंधित संवैधानिक संशोधन बिल पर चर्चा की गई।
सरकार इन दोनों बिलों को विशेष सत्र में 16 और 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में चर्चा और पास करने के लिए सूचीबद्ध कर चुकी है।
इंडिया ब्लॉक और कई दक्षिण भारतीय दलों का मुख्य आशंका यह है कि नई जनगणना के आधार पर डेलिमिटेशन होने से दक्षिण के राज्यों जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल आदि की संसद में सीटों की संख्या कम हो सकती है।
ये राज्य जनसंख्या नियंत्रण में सफल रहे हैं, जबकि उत्तरी राज्यों में जनसंख्या अधिक बढ़ी है। ऐसे में डेलिमिटेशन से उत्तरी राज्यों को अधिक सीटें मिलने की संभावना है, जिससे संघीय संतुलन बिगड़ सकता है और दक्षिण के राज्यों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर हो सकता है।
खड़गे ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण लागू करने में विपक्ष का कोई विरोध नहीं है, लेकिन डेलिमिटेशन से जुड़े संवैधानिक बदलावों पर गंभीर आपत्ति है।









