छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती का चौथा मामला,भूपेश बघेल ने पूछा ‘कौन है असली सरगना’?

Opium Farming in CG: छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक के आमाघाट गांव से सामने आया है, जहां करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरी खेती को नष्ट कर दिया। पुलिस जांच में पता चला कि यह खेती झारखंड के एक व्यक्ति के निर्देश पर कराई जा रही थी। आरोपी ने स्थानीय किसान से तरबूज-ककड़ी उगाने के बहाने खेत लिया था। पुलिस ने व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ जारी है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल का हमला

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा,’भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेश भर में अफीम की खेती का पर्दाफाश जारी है। अब रायगढ़ के तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में अफीम की खेती पकड़ी गई है।’ बघेल ने आगे कहा, ‘जिस तरीके से सूखे नशे के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है, यह घातक है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी बताती है कि इस खेल का असली सरगना कौन है।’ उन्होंने दावा किया कि धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र में भी एक भाजपा नेता के फार्महाउस में 20 एकड़ में अफीम उगाई जा रही थी, जिसे उनके द्वारा मामला उठाने के बाद बुलडोजर से उखाड़ फेंका गया।

पिछले 15 दिनों में चौथा मामला

रायगढ़ का यह मामला पिछले 15 दिनों में चौथा बड़ा खुलासा है –

7 मार्च – दुर्ग: भाजपा नेता विनायक ताम्रकर के फार्महाउस में 5 एकड़ से ज्यादा अफीम की खेती पकड़ी गई। 7.88 करोड़ रुपये मूल्य की अफीम जब्त, तीन गिरफ्तार।
10 मार्च – बलरामपुर (कुसमी): 3.67 एकड़ अफीम, 4.75 करोड़ रुपये मूल्य की जब्ती, 7 गिरफ्तार। मुख्य आरोपी (भाजपा नेता) अभी फरार।
12 मार्च – बलरामपुर (कोरंधा): ढाई एकड़ अफीम की खेती, ग्रामीणों की सूचना पर उखाड़ फेंकी गई।
20 मार्च – रायगढ़ (तमनार): डेढ़ एकड़ अफीम, झारखंड कनेक्शन सामने आया।

पुलिस का कहना है कि ये मामले संगठित गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। यह मुद्दा अब राज्य की सियासत में गरमाया हुआ है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इसे युवाओं को नशे की ओर धकेलने की साजिश बताया है, जबकि सत्ताधारी भाजपा ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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