कोलंबिया में सैन्य विमान हादसा, C-130 हरक्यूलिस टेकऑफ के दौरान क्रैश, 66 सैनिकों की मौत

March 24, 2026 11:53 AM

दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला विमान हादसा हो गया। कोलंबियाई वायुसेना का लॉकहीड मार्टिन C-130 हरक्यूलिस विमान उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अब तक 66 सैनिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हैं। कुछ सैनिक अभी लापता भी बताए जा रहे हैं।

हादसा कोलंबिया के दक्षिणी अमेजन क्षेत्र में प्यूर्टो लेगुइजामो (पुतुमायो प्रांत) में हुआ। यह जगह पेरू की सीमा के पास है। विमान रनवे से करीब 1.5 किलोमीटर दूर जाकर गिरा। टेकऑफ के तुरंत बाद विमान में आग लग गई, जिससे काला धुआं उठने लगा और आसपास अफरा-तफरी मच गई। विमान में कुल 125 लोग सवार थे, जिनमें 114 सैनिक और 11 क्रू सदस्य शामिल थे।

रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने बताया कि बचाव कार्य जारी है और अब तक कम से कम 48-50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। घायलों को पहले स्थानीय क्लीनिक में भर्ती किया गया, फिर उन्हें बोगोटा जैसे बड़े अस्पतालों में एयरलिफ्ट किया जा रहा है। हादसे के बाद आसपास के गांवों के लोग तुरंत मदद के लिए पहुंच गए। कई लोगों ने अपनी मोटरसाइकिलों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया और आग बुझाने में हाथ बंटाया।

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, यह एक गंभीर घटना है। जवानों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि सेना को नए हेलिकॉप्टर, ट्रांसपोर्ट विमान और एंटी-ड्रोन सिस्टम जल्द खरीदे जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता तो उसे हटाया जाएगा। रक्षा मंत्री ने साफ किया कि अभी तक किसी आतंकी हमले या बाहरी साजिश के सबूत नहीं मिले हैं।

अभी तक हादसे का सही कारण पता नहीं चल पाया है। जांच में तकनीकी खराबी, इंजन फेलियर या पायलट की चूक की संभावना देखी जा रही है। यह विमान 2020 में अमेरिका से मिला था और इसका हाल ही में पूरा मेंटेनेंस (ओवरहॉल) किया गया था। विमान में आग लगने के बाद गोला-बारूद भी फटने लगा, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया।

C-130 हरक्यूलिस दुनिया के सबसे भरोसेमंद सैन्य परिवहन विमानों में से एक है। यह कठिन और कच्चे रनवे पर भी उतर-चढ़ सकता है। इसका इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों, राहत सामग्री और यहां तक कि हेलीकॉप्टर या बख्तरबंद गाड़ियां ले जाने के लिए किया जाता है। यह विमान आपदा राहत, मेडिकल इमरजेंसी और आग बुझाने जैसे कामों में भी मदद करता है। एक बार में यह करीब 19,000 किलोग्राम वजन एयरड्रॉप कर सकता है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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