छत्‍तीसगढ़ में बिना नागरिकता के रह रहे हिंदू नहीं जाएंगे पाकिस्‍तान

May 2, 2025 2:38 PM
LTV

रायपुर। पाकिस्‍तान से हाल ही में छत्‍तीसगढ़ आए और सालों से बिना नागरिकता के रह रहे हिंदू पाकिस्‍तान वापस नहीं जाएंगे। सालों से रह रहे पाकिस्‍तानियों के पास लॉन्‍ग टर्म वीजा (LTV) है। विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि लॉन्‍ग टर्म वीजा वाले पाकिस्‍तानियों को भारत नहीं छोड़ना होगा। उन्‍हें छूट दी गई है। इसके अलावा हाल ही के दस दिनों में जो पाकिस्‍तानी छत्‍तीसगढ़ आए थे, उन्‍हें जबरदस्‍ती वापस नहीं भेजा जाएगा। उन्‍हें एक साल के लिए एलटी वीजा विदेश मंत्रालय की तरफ से मिलेगा। यही वजह है कि वापस जाने की तय तारीख गुजर जाने के बाद भी वे वापस नहीं गए।

पहलगाम में टूरिस्‍टों पर हुए आतंकी हमले के बाद केन्‍द्र सरकार की सुुुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने पाकिस्‍तान पर बड़े फैसले लेते हुए पाकिस्‍तानियों को वीजा रद्द कर दिया था। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्‍तानियों के लिए 16 तरह के वीजा को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें से दो तरह के वीजा वालों को वैलिड बताया था। इनमें डिप्‍लोमेट्स और ऑफिशियल के साथ-साथ एलटीवी से भारत में रह रहे पाकिस्‍त‍ानियों को छूट दी गई थी।

छत्‍तीसगढ़ में करीब 2 हजार पाकिस्‍तानी रह रहे हैं, जिनमें से 18 सौ हिन्‍दू रायपुर में रह रहे हैं। ये शदाणी दरबार आने वाले हैं, जो कई सालों से आ रहे हैं। यहां आने पर इन्‍हें एलटीवी मिल जाता है, जिसकी वजह से इन्‍हें वापस नहीं जाना होता। एलटीवी में रहने वाले पाकिस्‍तानी जरूरत पड़ने पर वापस पाकिस्‍तान जाते हैं, लेकिन वहां से काम कराकर वापस भारत आ जाते हैं। उन्‍हें आने-जाने में किसी भी तरह की दिक्‍कतों का सामना नहीं करना पड़ता है।

दूसरी तरफ हाल में रायपुर के शदाणी दरबार पहुंचे हिन्‍दुओं को भी एलटीवी देने का रास्‍ता साफ हो गया है। ये सभी 45 दिन के वीजा पर भारत आए थे। अब इन्‍हें इन 45 दिनों के भीतर एलटीवी लेना होगा। एलटीवी के बाद ये सभी यहां रुक सकते हैं।

बता दें कि 20 सेे लेकर 23 अप्रैल के बीच ही पाकिस्‍तान से अलग-अलग जत्‍थे रायपुर के शदाणी दरबार पहुंचे थे। वीजा रद्द किए जाने के बाद उन्‍होंने राज्‍य सरकार से इस मसले पर चर्चा की थी। शदाणी दरबार के संत डॉ. युधिष्ठिर लाल ने भी इस संबंध में सरकार के सामने इन हिंदुओं का पक्ष रखा। पाकिस्‍तान से आए हिंदुओं से जब द लेंस ने बात की तो पता चला कि वे वापस पाकिस्‍तान नहीं जाना चाहते हैं। उन्‍हें वहां प्रताड़ित किया जाता है। इस मामले में डॉ. युधिष्ठिर लाल ने द लेंस से कहा था कि पाकिस्‍तान से आए श्रद्धालुओं ने उनसे कहा कि वे नहीं जाना चाहते हैं। ऐसे में उनके लिए चर्चा की गई है। उन्‍हें जबरदस्‍ती वापस नहीं भेजा जाएगा।

14 तरह के वीजा वालों काे जाना होगा वापस, इनमें मेडिकल वाले भी

विदेश मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार 14 तरह के वीजा वालों को वापस पाकिस्‍तान जाना होगा। 16 तरह के वीजा पाकिस्‍तान के लिए भारत सरकार जारी करती है। इनमें सार्क, वीजा ऑन अराइवल, बिजनेस, फिल्‍म, जर्नलिस्‍ट, ट्रांजिट, मेडिकल, कॉन्‍फ्रेंस, माउंटेनरिंग, स्‍टूडेंट्स, डिप्‍लोमेटिक एंड ऑफिशियल, एलटीवी, विजिटर वीजा, ग्रुप टूरिस्‍ट वीजा, पिलग्रिम वीजा और ग्रुप पिलग्रिम वीजा टू मॉइनॉरिटीज ऑफ पाकिस्‍तान शामिल हैं। इनमें से डिप्‍लोमेटिक और एलटीवी ही भारत में रहने के लिए वैलिड हैं।

ये हैं वे 16 तरीके के वीजा, जिन्‍हें विदेश मंत्रालय जारी करता है।

हालांकि विदेश मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुुुुसार रायपुर के शदाणी दरबार आने वाले हिन्‍दू ग्रुप पिलग्रिम वीजा टू मॉइनॉरिटीज ऑफ पाकिस्‍तान के तहत आते हैं। लेकिन, इस वीजा के तहत आए हिंदुओं ने छत्‍तीसगढ़ सरकार से उन्‍होंने वापस न भेजे जाने की मांग की थी। इस पर केन्‍द्र सरकार से बात करने पर अब उन्‍हें एलटीवी लेने तक रुकने की छूट दी गई है। एलटीवी मिलने के बाद ये हिंदू नागरिकता लेने की कोशिश करेंगे।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। 2022 से दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन खबरें लिखीं। दैनिक भास्‍कर से पहले नवभारत, नईदुनिया, पत्रिका अखबार में 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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