Kondagaon News: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव में मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब हिंसक रूप ले लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला दूषित पानी और राख से उनका पर्यावरण बर्बाद हो रहा है। खेतों में फसलें खराब हो रही हैं लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है आंखों में जलन और सांस की तकलीफ हो रही है।
पिछले 6 महीनों से ग्रामीण ज्ञापन दे रहे थे और शिकायत कर रहे थे लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार 12 फरवरी की रात सैकड़ों ग्रामीण प्लांट में घुस गए और तोड़फोड़ कर दी। ग्रामीणों ने प्लांट के गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया और मशीनों, वाहनों जैसे कार-ट्रैक्टर तथा अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया।
पुलिस का कहना है कि घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालात बिगड़ते देख कोंडागांव के साथ अन्य जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया। करीब 15 घंटे तक चले हंगामे, बातचीत और दबाव के बाद प्रशासन ने प्लांट को अस्थाई रूप से बंद करने का फैसला लिया। अब स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में पुलिस तैनात है।
गांव के सरपंच मनसुख नेताम ने बताया कि हम महीनों से कलेक्टर और एसडीएम के पास जा रहे थे। प्लांट से निकलने वाली बदबू और गंदा पानी से खेती-बाड़ी चौपट हो गई है। जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा। हम तब तक शांत नहीं होंगे जब तक प्लांट पूरी तरह बंद नहीं होता। अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर ने कहा कि मांगों को देखते हुए प्लांट फिलहाल बंद कर दिया गया है। जल्द बैठक करके आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण ही ऐसे हालात बने हैं। पर्यावरण नियमों का पालन नहीं हो रहा, शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती। पूरे प्रदेश में प्रदूषण से जनता परेशान है। बैज ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में उद्योगों की मनमानी चल रही है, जिससे ग्रामीण बगावत को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदूषण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और ग्रामीणों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए।









