ट्रम्प ने कहा ‘मेरी पहली पसंद ईरान का तेल लेना’, ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा करने पर विचार

March 30, 2026 4:49 PM

मिडिल ईस्ट में ईरान से जुड़ी जंग आज 31वें दिन में प्रवेश कर गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान से तेल ले सकता है और ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जा करने पर भी विचार कर रहा है।
ट्रंप ने कहा, ‘मेरी पहली पसंद ईरान का तेल लेना है। कुछ लोग अमेरिका में पूछते हैं कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं? लेकिन वे मूर्ख लोग हैं।’ उन्होंने इस कदम की तुलना वेनेजुएला से की, जहां अमेरिका ने निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद वहां के तेल संसाधनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया था।

खार्ग द्वीप पर कब्जे की बात

ट्रंप ने आगे कहा, ‘हो सकता है हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें, हो सकता है न करें। हमारे पास कई विकल्प हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि अगर कब्जा होता है तो अमेरिकी बलों को वहां कुछ समय के लिए रहना भी पड़ सकता है। खार्ग द्वीप ईरान का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है, जहां से देश का ज्यादातर तेल विदेश जाता है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के जरिए ईरान के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत में प्रगति हो रही है और डील बहुत जल्द हो सकती है।

तेल की कीमतों में भारी उछाल

जंग शुरू हुए एक महीना होने के कारण वैश्विक तेल बाजार में हलचल मची हुई है।30 मार्च को एशिया के बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। जंग के चलते अब तक तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है।

अमेरिका बढ़ा रहा है सैन्य ताकत

ट्रंप सरकार ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया है। पेंटागन ने जमीनी कार्रवाई के लिए 10 हजार अतिरिक्त सैनिकों को तैयार करने का आदेश दिया है। हाल के दिनों में लगभग 2,500 मरीन समेत हजारों सैनिक पहले ही इस क्षेत्र में पहुंच चुके हैं या रास्ते में हैं। इसमें 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिक भी शामिल हैं।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब युद्ध को लेकर कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं लेकिन दोनों तरफ से तनाव कम होने के संकेत अभी नहीं दिख रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान पर दबाव बढ़ाने और तेल संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि खार्ग द्वीप पर कब्जे जैसा कदम क्षेत्र में बड़े स्तर पर संघर्ष को और भड़का सकता है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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