रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र और पूर्व विधायक अमित जोगी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। जग्गी हत्याकांड (Jaggi murder case) मामले में उन्होंने निचली अदालत से जमानत ले ली है। जमानत सेशन कोर्ट में पंकज कुमार सिन्हा की अदालत से मिली।
अदालत ने 50-50 हजार रुपए के बॉन्ड और जमानतदार पेश करने की शर्त पर अमित जोगी को जमानत दी है।
दरअसल, वर्ष 2003 में कांग्रेस नेता रामवतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला उस समय प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक हत्याओं में से एक था।
मामले की जांच बाद में CBI को सौंपी गई थी। जांच के बाद कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले की सुनवाई फिर से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में शुरू हो रही है। इसी के तहत अदालत ने 1 अप्रैल को अगली सुनवाई तय की है।
इस मामले में अब सबकी नजर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में होने वाली अंतिम सुनवाई पर टिकी है, जो 1 अप्रैल बुधवार को तय की गई है।
कानूनी जानकारों के मुताबिक यदि हाईकोर्ट इस मामले में अमित जोगी को आरोपी मानते हुए कार्रवाई का आदेश देता है, तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।
फिलहाल अदालत से मिली जमानत के बाद उन्हें अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन अंतिम फैसला हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।









