Iran Israel US War :अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज 20वां दिन है। इस दौरान तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि ऊर्जा संसाधनों पर हमले तेज हो गए हैं। बुधवार को बड़े घटनाक्रम सामने आए जिनसे वैश्विक तेल-गैस बाजार प्रभावित हुए हैं। दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड साउथ पार्स (जो ईरान और कतर दोनों के बीच साझा है) पर अमेरिका-इज़राइल की ओर से एयरस्ट्राइक की गई।
ईरानी मीडिया के अनुसारअसालुयेह शहर और बुशहर क्षेत्र की तेल-गैस सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इससे उत्पादन प्रभावित हुआ और आग लगने की खबरें आईं।
इज़राइल के रक्षा मंत्री ने पहले ही संकेत दिया था कि ईरान और लेबनान में बड़े सरप्राइज होंगे, जिसे इन हमलों से जोड़ा जा रहा है। इस हमले से पहले इज़राइल ने ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया था, जिसमें सिक्योरिटी चीफ अली लाराजानी की मौत भी शामिल है।
ईरान ने जवाब में कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल दागी। कतर की राज्य ऊर्जा कंपनी कतरएनर्जी ने बताया कि हमले से बड़ी क्षति हुई, आग लग गई और इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुंचीं। हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ।
कतर ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह रेड लाइन पार करना है, क्योंकि आम लोगों और महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाया गया। कतर ने चेतावनी दी कि ऐसे हमले से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है, इसलिए सभी देशों को तनाव कम करने की कोशिश करनी चाहिए।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पहले ही सऊदी अरब, UAE और कतर के प्रमुख तेल-गैस ठिकानों से दूर रहने की चेतावनी दी थी। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही काफी हद तक रोक दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई और कीमतें बढ़ गई हैं।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने सिक्योरिटी चीफ अली लाराजानी की हत्या का बदला लेने की कड़ी धमकी दी। उन्होंने कहा,’हर खून की एक कीमत होती है।’
इधर कतर ने ईरानी दूतावास के मिलिट्री और सिक्योरिटी अटैची को पर्सोना नॉन ग्राटा (अवांछित व्यक्ति) घोषित कर दिया। उन्हें 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने को कहा गया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान बार-बार उसके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है। अगर ऐसा जारी रहा तो और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ा संदेश दिया कि अगर कतर पर फिर हमला हुआ तो अमेरिका बड़ा हमला कर सकता है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को इस हमले की पहले कोई जानकारी नहीं थी और कतर इसमें शामिल नहीं था। ईरान ने गलतफहमी में कतर को निशाना बनाया। ट्रम्प ने जोर दिया कि वे युद्ध नहीं चाहते, लेकिन जरूरत पड़ी तो सख्त कदम उठाएंगे।
ट्रम्प ने NATO सहयोगियों से होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने में मदद मांगी, लेकिन कई देशों ने साफ इनकार कर दिया कि वे अपने युद्धपोत नहीं भेजेंगे। इससे ट्रम्प ने NATO के भविष्य पर सवाल उठाए।
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने तेल-डीजल सप्लाई पर नजर रखने के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किया है, क्योंकि होर्मुज बंद होने से कीमतें बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि अभी कमी नहीं है, लेकिन तैयारी जरूरी है।











