राजधानी में 14-15 मार्च को इंटरनेशनल रूमेटोलॉजी कॉन्फ्रेंस, देशभर से 450 डॉक्टर होंगे शामिल

International Rheumatology Conference

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 14 और 15 मार्च को रूमेटोलॉजी के क्षेत्र की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित होने जा रही है। वर्ल्ड रूमेटोलॉजी फोरम समिट 2026 – रूमेटोलॉजी मास्टरक्लासेस का आयोजन रायपुर के मे फेयर में किया जाएगा। यह सेंट्रल इंडिया की पहली इंटरनेशनल रूमेटोलॉजी कॉन्फ्रेंस (International Rheumatology Conference) है, जिसमें देश के सभी राज्यों से करीब 450 से अधिक डॉक्टर और विशेषज्ञ भाग लेंगे।

कॉन्फ्रेंस के आयोजन सचिव डॉ. अरुण कुमार केडिया ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मध्य भारत में रूमेटोलॉजी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस क्षेत्र में अभी विशेषज्ञों की कमी है और यहां अभी तक इस विषय में सुपर-स्पेशलिटी कोर्स भी उपलब्ध नहीं हैं।

इस सम्मेलन की थीम दो जटिल बीमारियों मायोसाइटिस और सोरियाटिक आर्थराइटिस पर आधारित है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये बीमारियां उतनी दुर्लभ नहीं हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण अक्सर समय पर पहचान नहीं हो पाती। इन बीमारियों के लक्षण अलग-अलग रूप में सामने आते हैं और इनके इलाज के लिए अब भारत में भी कई आधुनिक उपचार विकल्प उपलब्ध हैं।

कॉन्फ्रेंस में 5 प्रमुख फैकल्टी पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे, जिनमें 2 अंतरराष्ट्रीय और 3 राष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हैं। कार्यक्रम के वैज्ञानिक अध्यक्ष चेन्नई के कावेरी अस्पताल के  डॉ. शम एस होंगे।

इस दौरान युवा डॉक्टर जटिल और चुनौतीपूर्ण केस प्रस्तुत करेंगे, जिन पर विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा होगी।

कॉन्फ्रेंस में देशभर से 200 से ज्यादा रिसर्च एब्स्ट्रैक्ट जमा हुए हैं, जिन्हें कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही रायपुर के मेडिकल संस्थानों के छात्रों को भी अपने शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इनमें प्रमुख रूप से एम्स रायपुर, मेडिकल कॉलेज रायपुर, बालाजी अस्पताल, रिम्स और एमएमआई के छात्र और डॉक्टर शामिल होंगे।

कॉन्फ्रेंस में शैक्षणिक सत्रों के अलावा डॉक्टरों के ज्ञान को परखने के लिए एक दिलचस्प ‘फन रूमेटोलॉजी क्विज’ भी आयोजित किया जाएगा।

आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम से विशेषज्ञों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ेगा और मरीजों के बेहतर उपचार में मदद मिलेगी।

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