नई दिल्ली | सितंबर महीने में देश का जीएसटी कलेक्शन फिर से 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। सरकार को अच्छी खबर मिली है कि टैक्स वसूली मजबूत बनी हुई है। अब सबकी नजरें 7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक पर टिकी हैं।
सितंबर का कलेक्शन कितना रहा?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 में कुल जीएसटी संग्रह 14.7 प्रतिशत बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया।
- घरेलू कारोबार से आया पैसा करीब 10 प्रतिशत बढ़ा।
- आयात से होने वाली कमाई में करीब 26 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई।
रिफंड निकालने के बाद शुद्ध कलेक्शन 1.76 लाख करोड़ रुपये से ऊपर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 18 प्रतिशत ज्यादा है।
इस वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) में कुल जीएसटी संग्रह 12.46 लाख करोड़ रुपये पार कर गया है। यह तीसरा महीना है जब मासिक कलेक्शन 2 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।
क्यों बढ़ रहा है कलेक्शन?
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू मांग अच्छी बनी हुई है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में कलेक्शन 16 से 18 प्रतिशत तक बढ़ा है। आयात में भी तेजी आई है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, सोना और मशीनरी जैसी चीजों की। रुपये की कीमत और वैश्विक जिंस कीमतों का भी असर दिखा है।
जीएसटी 2.0 के तहत पिछले साल दरों में कटौती के बावजूद वसूली मजबूत बनी हुई है। इससे साफ है कि अर्थव्यवस्था में खपत और उत्पादन दोनों ठीक चल रहे हैं।
7 अक्टूबर को क्या होगा?
7 अक्टूबर को दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होने वाली है। इस बार दरों में बड़े बदलाव की संभावना कम बताई जा रही है। बैठक का मुख्य फोकस प्रक्रिया को आसान बनाने पर रहेगा।
काउंसिल रिटर्न फाइलिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट, रिफंड और रजिस्ट्रेशन जैसी प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर चर्चा कर सकती है। छोटे कारोबारियों के लिए कुछ राहत के प्रस्ताव भी आ सकते हैं।
आसान भाषा में समझें
जीएसटी 2.0 के बाद अब सरकार टैक्स की दरें बदलने के बजाय सिस्टम को आसान बनाना चाहती है ताकि कारोबारियों को कम परेशानी हो और टैक्स वसूली और बेहतर हो, सितंबर का मजबूत कलेक्शन सरकार के लिए सकारात्मक संकेत है। अब 7 अक्टूबर की बैठक में आगे के सुधारों पर फैसला होना है।







